
लाहेरी आश्रमशाला में पहुंचे विधायक (सौजन्य-नवभारत)
Laheri Ashramshala: गड़चिरोली जिले की भामरागड़ तहसील अंतर्गत आने वाले लाहेरी आश्रमशाला में भोजन के बाद छात्रों को विषबाधा होने की घटना तीन दिन पहले उजागर हुई थी। दो दिनों की अवधि में करीब 104 छात्रों को विभिन्न अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। ऐसे में भामरागड़ के ग्रामीण अस्पताल में भर्ती 51 छात्रों में 45 छात्रों को छुट्टी देने के बाद वह आश्रमशाला में वापस लौटे।
लेकिन आश्रमशाला में पहुंचते ही पुन: छात्रों को उल्टियां होना शुरू होने से गुरुवार को 10 और शुक्रवार को एक सहित 11 छात्रों को दोबारा उपचार के लिए भामरागड़ के ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराने की जानकारी मिली है। वर्तमान स्थिति में भामरागड़ के ग्रामीण अस्पताल में कुल 17 छात्र उपचार लेने की जानकारी है। लेकिन स्वास्थ्य ठीक होने के बाद आश्रमशाला में पहुंचे छात्रों की दोबारा तबीयत बिगड़ने से आश्रमशाला प्रबंधन के उपाययोजना पर तीखे सवाल उपस्थित किए जा रहे है।
वहीं इस मामले से छात्रों के अभिभावकों में तीव्र नाराजगी व्यक्त की जा रही है। इधर अहेरी उपजिला अस्पताल में भर्ती चंदा नामक छात्रा और नागपुर के एम्स अस्पताल में भर्ती कमलेश पुंगाटी के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद भी दोनों को आगामी कुछ दिनों के लिए डाक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
विषबाधा होने के बाद से निरंतर छात्रों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलते ही गड़चिरोली विस क्षेत्र के विधायक डा. मिलिंद नरोटे सीधे लाहेरी के आश्रमशाला में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। विधायक को आश्रमशाला में अनेक खामियां दिखाई दी। विधायक के निरीक्षण के दौरान आश्रमशाला में स्वच्छता का अभाव, पीने के पानी की समस्या, रसोई परिसर में पशुओं का विचरण जैसे मामले सामने आए।
छात्रों ने भी विधायक के सामने अनेक समस्याएं गिनना शुरू कर दिया। जिसके बाद विधायक डा. नरोटे आश्रमशाला के कर्मचारी और संबंधित विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली के प्रति तीव्र रोष व्यक्त किया।
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विधायक डा. नरोटे अपने पदाधिकारियों के साथ लाहेरी आश्रमशाला को भेंट दी। जहां छात्रों ने शिकायत करना शुरू कर दिया। छात्रों ने बताया कि आश्रमशाला की महिला अधीक्षिका अपने कक्ष में न रहते हुए अन्य जगह पर रहती है। वहीं रात के समय पहरेदार नहीं होने से रात के समय छात्राओं के सुरक्षा का प्रश्न निर्माण हो गया है।
छात्रों के साथ होने वाले ऐसे मामलों से विधायक डा. नरोटे ने आश्रमशाला के कर्मचारी और अधिकारियों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि इस संदर्भ में रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भिजवाई जाएगी। और छात्रों के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके बाद उन्होंने भामरागड़ के अस्पताल में भर्ती छात्रों को भेंट देकर उनके स्वास्थ्य संदर्भ में पूछताछ की। इस समय प्रकल्प अधिकारी अमर राऊत, सहायक प्रकल्प अधिकारी रोषणा चव्हाण, डा. नितिन कोडवते, अनिल पोहणकर, सुनिल विश्वास, अर्जुन आलाम, तपेश हलदार, लक्ष्मीकांत बोगामी आदि उपस्थित थे।






