
PWD Negligence:गड़चिरोली जिले (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gadchiroli Road Condition: गड़चिरोली जिले में कई प्रमुख मार्गों सहित आंतरिक सड़कें पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। इससे वाहन चालकों और आम नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले के महत्वपूर्ण यातायात मार्ग बदहाल स्थिति में पहुंच गए हैं और इन पर यात्रा करना मानो जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। इसके बावजूद निर्माण विभाग द्वारा गड्ढों से जर्जर हो चुकी सड़कों की मरम्मत करने के बजाय अच्छी स्थिति में मौजूद सड़कों को खोदकर मरम्मत कार्य किया जा रहा है। निर्माण विभाग के इस ‘अफलातून’ कार्यप्रणाली को लेकर जिलेभर में नागरिकों में तीव्र नाराजगी व्यक्त की जा रही है।
वर्तमान में जिले के काराफा-पेंढरी, घोट-आष्टी, मुलचेरा-एटापल्ली, मुलचेरा-घोट, रेगड़ी-एटापल्ली, चातगांव-रांगी, धानोरा-मुरुमगांव, आलापल्ली-सिरोंचा, लगाम-आलापल्ली, सावेला-पोटेगांव तथा पोटेगांव-कसनसूर जैसे प्रमुख मार्गों की हालत अत्यंत दयनीय हो चुकी है। इन सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो बरसात के मौसम में पानी से भर जाने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ा देते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों की कई आंतरिक सड़कों पर डामर की परत पूरी तरह उखड़ चुकी है। दोपहिया, चारपहिया और सार्वजनिक परिवहन वाहनों को चलाते समय वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण वाहनों की बार-बार खराबी, टायर फटना तथा छोटे-बड़े हादसों की संख्या में इजाफा हुआ है।
चिंता की बात यह है कि कुछ ऐसे मार्ग, जहां सड़क की स्थिति अपेक्षाकृत अच्छी है और कहीं भी बड़े गड्ढे नहीं हैं, वहां लोकनिर्माण विभाग द्वारा मरम्मत कार्य किया जा रहा है। इसमें गड़चिरोली के वन कास्ट भंडारा से चांदाला मार्ग पर चल रहा मरम्मत कार्य भी शामिल है। अच्छी सड़कों पर अनावश्यक खर्च और वास्तव में मरम्मत की आवश्यकता वाली सड़कों की उपेक्षा से नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है।
लोकनिर्माण विभाग के गलत नियोजन के कारण जिले में सड़क विकास व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। बिना प्राथमिकता तय किए केवल कागजी योजनाओं को लागू किए जाने का आरोप नागरिकों द्वारा लगाया जा रहा है। इसका खामियाजा वाहन चालकों, स्कूली विद्यार्थियों, एम्बुलेंस सेवाओं और रोजमर्रा की यात्रा करने वाले नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
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सड़कों की बदहाली के कारण ग्रामीण क्षेत्रों का शहरों से संपर्क प्रभावित हो रहा है। कृषि उत्पादों की ढुलाई, सरकारी सेवाएं तथा आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना कठिन हो गया है। कई स्थानों पर ग्रामीणों द्वारा अस्थायी रूप से गड्ढे भरने के प्रयास किए जाने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।






