गड़चिरोली की 5 एम्बुलेंस के इंजन समेत कलपुर्जे गायब! सिर्विसिंग के लिए भेजी थी चंद्रपुर, जानें पूरा मामला
Gadchiroli Ambulance Scam: गड़चिरोली में सर्विसिंग के लिए भेजी गई 5 एम्बुलेंस से इंजन व अन्य महत्वपूर्ण पुर्जे गायब मिलने से हड़कंप मच गया है। मामले में जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
- Written By: अनन्या तिवारी
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-AI)
Gadchiroli Ambulance Scam Brought To Light: गड़चिरोली जिले में पहले से ही एम्बुलेंस की कमी के बीच 5 एम्बुलेंस की सर्विसिंग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला स्वास्थ्य विभाग और जिला शल्य चिकित्सक कार्यालय के अधीन संचालित 5 एम्बुलेंस को सर्विसिंग के लिए चंद्रपुर स्थित एक शोरूम में भेजा गया था। लेकिन इन वाहनों से इंजन, गियर बॉक्स, स्टीयरिंग रॉड, शॉक-अप सहित कई महत्वपूर्ण कलपुर्जे गायब पाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
चालू हालत में भेजी गईं एम्बुलेंस 2 साल तक नहीं लौटीं विभाग के पास
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इनमें से दो एम्बुलेंस लगभग छह माह पूर्व तथा तीन एम्बुलेंस करीब दो वर्ष पूर्व सर्विसिंग के लिए शोरूम में भेजी गई थीं। विशेष बात यह है कि, सभी वाहन पूरी तरह चालू हालत में थे। इसके बावजूद आज तक उनकी मरम्मत पूरी कर विभाग को वापस नहीं सौंपा गया है। बताया जा रहा है कि, एम्बुलेंस के रखरखाव के लिए नियुक्त अभियंता जब शोरूम में वाहनों की स्थिति और मरम्मत कार्य की जानकारी लेने पहुंचे, तो उन्हें कथित रूप से नौकरी खा जाने की धमकी दी गई। इस आरोप ने पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है।
किसके आदेश पर निकाले गये पुर्जे
सबसे बड़ा सवाल यह है कि, जब एम्बुलेंस चालू हालत में सर्विसिंग के लिए भेजी गई थीं, तो उनके इंजन और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जे आखिर किसके आदेश पर निकाले गए? साथ ही यह आशंका भी व्यक्त की जा रही है कि, कहीं इन वाहनों के पुर्जों की अवैध बिक्री तो नहीं की गई।
सम्बंधित ख़बरें
Maharashtra Stamp Duty Scam; राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा- दोषी अधिकारी होंगे बर्खास्त,राज्य में जांच के आदेश
महालगांव में जंगली सुअरों का हमला, 4 किसान गंभीर घायल, इलाके में दहशत
कहीं आपके साथ ट्रेन में सफर तो नहीं कर रहे किंग कोबरा! जनशताब्दी एक्सप्रेस में मिला अजगर, क्या है इसकी वजह?
अमरावती सूतगिरणी रोड हत्याकांड का खुलासा, सिगरेट नहीं देने पर युवक की हत्या, 3 आरोपी गिरफ्तार
इस पूरे मामले में कुछ अधिकारियों और संबंधित लोगों की मिलीभगत होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। नक्सल प्रभावित और दुर्गम गड़चिरोली जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एम्बुलेंस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में 5 एम्बुलेंस का वर्षों तक बंद पड़े रहना और उनके महत्वपूर्ण पुर्जों का गायब होना स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय नागरिकों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
यह भी पढ़ें गड़चिरोली के अहेरी में 5 विशेषज्ञ डाक्टरों ने आखिर क्यों दिए सामूहिक इस्तीफे?
क्या है प्रमुख सवाल?
- चालू हालत में भेजी गई एम्बुलेंस से इंजन और अन्य पुर्जे किसने निकाले?
- दो वर्ष बीत जाने के बाद भी मरम्मत कार्य पूरा क्यों नहीं हुआ?
- संबंधित विभाग ने वाहनों की नियमित निगरानी क्यों नहीं की?
- क्या एम्बुलेंस के पुर्जों की अवैध बिक्री की गई?
- क्या इस मामले में किसी अधिकारी या अन्य संबंधित व्यक्तियों की मिलीभगत है?
- एम्बुलेंसों की कमी से मरीजों को कितनी परेशानी हुई?
मरम्मत में देरी पर प्रस्तावित कानूनी कार्रवाई
डॉ. प्रताप शिंदे जो कि गड़चिरोली के जिला स्वास्थ्य अधिकारी हैं, उन्होंने बताया कि उक्त वाहनों की मरम्मत में शक्ति इंजीनियरिंग, चंद्रपुर द्वारा लगातार विलंब किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस देरी को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने पूर्व में ही सेवा अभियंता को संबंधित ठेकेदार/संस्था के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। सेवा अभियंता (स्वास्थ्य), कार्यशाला गड़चिरोली द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट एवं अभिमत के आधार पर संबंधित संस्था के खिलाफ आगे उचित एवं कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी- यह भी बताया।
