महालगांव में जंगली सुअरों का हमला, 4 किसान गंभीर घायल, इलाके में दहशत
Wild Boar Attack: सिहोरा के महालगांव में खेतों में काम कर रहे किसानों पर 10 से 15 जंगली सुअरों के झुंड ने हमला कर दिया। इस घटना में तीन महिला किसानों सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
Wild Boar Menace (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Sihora Farmers Injured: महालगांव में दोपहर के समय खेतों में हमेशा की तरह मजदूरी और कृषि कार्य कर रहे स्थानीय किसानों पर जंगली सुअरों के एक बड़े और हिंसक झुंड ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। हमले में चार किसान गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए हैं। घायलों में छाया राजू बनकर, प्रमिला कृष्णा शहारे, अनिता संतोष किरणापुरे और गोमा सितकुरा बनकर का समावेश है। घायल होने वाले इन नागरिकों में तीन महिला किसान और एक पुरुष किसान शामिल हैं, जो महालगांव के ही मूल निवासी हैं।
सूत्रों के अनुसार सभी किसान दोपहर के वक्त अपने अपने खेतों में काम में व्यस्त थे। इसी दौरान अचानक पास की झाड़ियों से निकलकर 10 से 15 जंगली सुअरों का एक आक्रामक झुंड वहां आ धमका और सीधा हमला बोल दिया। अचानक हुए हिंसक हमले के बाद पूरे परिसर के किसानों और खेतिहर मजदूरों में भारी दहशत और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
सिहोरा के महालगांव में जंगली सुअरों का आतंक
घटना की भनक लगते ही महालगांव के ग्राम पंचायत के प्रशासक व पूर्व सरपंच पारस भुसारी ने तुरंत सिहोरा के ग्रामीण अस्पताल का रुख किया। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से चर्चा की और सभी घायलों का हालचाल जाना, जहां फिलहाल चारों गंभीर घायलों का उपचार जारी है।
सम्बंधित ख़बरें
गड़चिरोली की 5 एम्बुलेंस के इंजन समेत कलपुर्जे गायब! सिर्विसिंग के लिए भेजी थी चंद्रपुर, जानें पूरा मामला
Maharashtra Stamp Duty Scam; राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा- दोषी अधिकारी होंगे बर्खास्त,राज्य में जांच के आदेश
कहीं आपके साथ ट्रेन में सफर तो नहीं कर रहे किंग कोबरा! जनशताब्दी एक्सप्रेस में मिला अजगर, क्या है इसकी वजह?
अमरावती सूतगिरणी रोड हत्याकांड का खुलासा, सिगरेट नहीं देने पर युवक की हत्या, 3 आरोपी गिरफ्तार
ये भी पढ़े: नागपुर दीक्षाभूमि अपडेट: विलास गजघाटे को कमान सौंपने की कोशिश से भड़का विवाद, ट्रस्टियों में अविश्वास चरम पर
तीन महिला किसान समेत चार घायल
पूर्व सरपंच पारस भुसारी ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि इस घटना को गंभीरता से लिया जाए और गंभीर रूप से घायल हुए सभी किसानों को बिना किसी कागजी देरी के तत्काल उचित वित्तीय मुआवजा प्रदान किया जाए।
