

Five Specialist Doctors Resign In Aheri Hospital: गड़चिरोली जिले के अहेरी स्थित अत्याधुनिक महिला एवं बाल अस्पताल से एक साथ पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों के इस्तीफा देने की खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इन इस्तीफों के कारण अहेरी, भामरागढ़, एटापल्ली और सिरोंचा जैसे दूरस्थ एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। क्षेत्र के हजारों मरीजों के लिए यह अस्पताल प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र माना जाता है, ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक साथ विदाई को लेकर स्थानीय नागरिकों में चिंता का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अहेरी महिला एवं बाल अस्पताल में संविदा आधार पर कार्यरत पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ तथा एनेस्थीसिया (भूल) विशेषज्ञ शामिल हैं। यह सभी डॉक्टर पिछले कई वर्षों से क्षेत्र की महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे थे। अस्पताल में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती थी, क्योंकि वे गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और गंभीर मरीजों के उपचार में अहम जिम्मेदारी निभा रहे थे।
अहेरी महिला एवं बाल अस्पताल अहेरी, भामरागढ़, एटापल्ली और सिरोंचा तहसील के हजारों मरीजों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र माना जाता है। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आदिवासी आबादी निवास करती है, जो बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए इस अस्पताल पर निर्भर है। ऐसे में पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों के एक साथ इस्तीफा देने से अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का सीधा असर महिलाओं और बच्चों से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। साथ ही अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों के उपचार और शल्य चिकित्सा सेवाओं पर भी इसका प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं रिक्त पदों पर नए डॉक्टरों की नियुक्ति कब होगी, इसे लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे स्थानीय नागरिकों और मरीजों में चिंता का माहौल है।
हालांकि गड़चिरोली जिले के अहेरी में डॉक्टरों के सामूहिक इस्तीफे को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि इसके पीछे कोई प्रशासनिक या अन्य विवाद नहीं है। जानकारी के अनुसार, अगस्त माह में होने वाली पीजी (स्नातकोत्तर) परीक्षा में शामिल होने के लिए पांचों डॉक्टरों ने अस्पताल की सेवा छोड़ने का निर्णय लिया है। उच्च शिक्षा और करियर उन्नति के उद्देश्य से उन्होंने अपने पदों से इस्तीफा दिया है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पांच डॉक्टरों के इस्तीफे के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। विभाग ने तत्काल कदम उठाते हुए उनकी जगह दो नए डॉक्टरों की नियुक्ति कर दी है। वहीं शेष तीन रिक्त पदों पर भी जल्द नियुक्तियां किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल में मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। विभाग का दावा है कि जल्द ही सभी रिक्त पद भर दिए जाएंगे और स्वास्थ्य सेवाएं पूर्ववत सुचारु रूप से जारी रहेंगी।