भूपति समेत 61 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में किया आत्मसमर्पण, माओवाद के अंत की शुरुआत: CM

Chief Minister Devendra Fadnavis: कुख्यात नेताओं समेत कुल 61 नक्सली सदस्यों ने सशस्त्र आत्मसमर्पण किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस अवसर पर कहा कि यह माओवाद के अंत की शुरुआत है।
भूपति समेत 61 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में किया आत्मसमर्पण
भूपति समेत 61 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में किया आत्मसमर्पण
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Gadchiroli News: केंद्र तथा राज्य सरकार के प्रयासों से नक्सली केंद्रीय समिति के कई शीर्ष और कुख्यात नेताओं समेत कुल 61 नक्सली सदस्यों ने सशस्त्र आत्मसमर्पण किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस अवसर पर कहा कि यह माओवाद के अंत की शुरुआत है और अब महाराष्ट्र में माओवाद को शत प्रतिशत समाप्त करने की दिशा में राज्य आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का नेतृत्व गड़चिरोली जिला कर रहा है, जो पूरे महाराष्ट्र के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में गड़चिरोली में साढ़े पांच करोड़ रुपये से अधिक इनामी नक्सल नेता भूपति उर्फ मल्लोजुला वेणुगोपाल राव ने अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया। इनमें माओवादी केंद्रीय समिति के 2 डीकेएसजेडसी सदस्य, 10 डिवीसीएम रैंक के वरिष्ठ कैडर समेत कुल 61 नक्सली शामिल हैं। इन सभी ने 54 अग्निशस्त्र तथा नक्सली वर्दी के साथ मुख्यमंत्री तथा गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। मुख्यमंत्री ने सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को संविधान की प्रति देकर लोकतंत्र की मुख्य धारा में स्वागत किया।

दिग्गजों की मौजूदगी

इस अवसर पर पुलिस महासंचालक रश्मि शुक्ला, राज्य गुप्त वार्ता आयुक्त शिरीष जैन, विशेष कार्रवाई अपर पुलिस महासंचालक डॉ. छेरिंग दोरजे, विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल, जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे, पुलिस उपमहानिरीक्षक अंकित गोयल, जिला पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल, सीआरपीएफ के उपमहानिरीक्षक (ऑपरेशन) अजय शर्मा तथा जिला परिषद सीईओ सुहास गाडे सहित कई मान्यवर उपस्थित थे।

बाकी सदस्यों से भी मुख्यधारा में शामिल होने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि 40 वर्ष पूर्व अहेरी और सिरोंचा क्षेत्र में माओवादी आंदोलन की नींव रखने वाले वरिष्ठ माओवादी नेता भूपति ने आज आत्मसमर्पण किया है, जो देश के इतिहास की एक ऐतिहासिक घटना है। उन्होंने कहा कि आज का आत्मसमर्पण एक नए इतिहास की रचना है। पहले उत्तरी गड़चिरोली से माओवाद समाप्त किया गया था और अब इस आत्मसमर्पण से दक्षिण गड़चिरोली भी माओवाद-मुक्त होने की दिशा में बढ़ गया है। मुख्यमंत्री ने अंत में शेष बचे 8 से 10 माओवादी सदस्यों से भी मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे आत्मसमर्पण नहीं करते, तो उन्हें इसके कड़े परिणाम भुगतने होंगे।

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