महाराष्ट्र ने अपना मजबूत नेता और सहारा खो दिया, अजित पवार के निधन पर जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रियाएं
Political Reactions: उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन पर गड़चिरोली सहित पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर है, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने उन्हें
- Written By: आंचल लोखंडे
Maharashtra Deputy CM news (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ajit Pawar Death: राज्य के उपमुख्यमंत्री तथा वित्त मंत्री अजित पवार का बुधवार को एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। इस घटना से संपूर्ण महाराष्ट्र सहित जिले में भी शोक की लहर फैल गई है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार की हादसे में मृत्यु के बाद जिले के विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। किसी ने उन्हें राज्य का मजबूत नेता बताया, तो किसी ने कहा कि महाराष्ट्र से उसका सबसे बड़ा सहारा छिन गया है।
जीवन के सहारे को खो दिया: धर्मराव आत्राम
अहेरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. धर्मराव आत्राम ने कहा कि उपमुख्यमंत्री पवार के असामयिक निधन की खबर मिलते ही उनके निकट सहयोगी एवं विधायक धर्मराव आत्राम को गहरा आघात पहुंचा। अपनी भावनाएं व्यक्त करते समय वे अत्यंत भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अजित दादा के निधन का समाचार सुनकर मुझे गहरा सदमा लगा है। आज मैंने केवल अपने नेता को नहीं, बल्कि अपने बड़े भाई और जीवन के सहारे को खो दिया है। वे न केवल एक सशक्त राजनेता थे, बल्कि मेरे जैसे आदिवासी क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के लिए सदैव मजबूती से खड़े रहने वाले मार्गदर्शक भी थे। जिले को मुख्यधारा में लाने और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए उन्होंने हमेशा विशेष ध्यान दिया।
अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और हृदय को झकझोर देने वाली घटना: नामदेव किरसान
गड़चिरोली-चिमूर लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. नामदेव किरसान ने कहा कि राजनीति के ‘दादा’ के रूप में पहचाने जाने वाले अजित दादा के निधन की खबर अत्यंत आघात पहुंचाने वाली और पीड़ादायक है। उनके आकस्मिक निधन से न केवल पवार परिवार, बल्कि पूरे महाराष्ट्र पर शोक की छाया छा गई है। राज्य के सबसे लंबे समय तक वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने महाराष्ट्र को विकास की राह पर आगे बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में राज्य ने अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की दिशा देखी। आज महाराष्ट्र ने एक युवा, अनुभवी और प्रभावशाली नेता को खो दिया है। राजनीति में उत्पन्न हुई यह रिक्तता कभी पूरी नहीं हो सकेगी।
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महाराष्ट्र के विकास का एक चेहरा खो गया: महेंद्र ब्राम्हणवाडे
कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेंद्र ब्राम्हणवाडे ने कहा कि अजित दादा के जाने से महाराष्ट्र के विकास का एक प्रभावशाली चेहरा खो गया है। कांग्रेस-राकां की सत्ता के दौरान तथा जिले के पालकमंत्री स्वर्गीय आर. आर. पाटिल के कार्यकाल में जिले के सर्वांगीण विकास के लिए अजित दादा ने कभी भी धन की कमी महसूस नहीं होने दी। सड़कों, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में उनका अमूल्य योगदान रहा है। उनके निधन से राज्य ने एक अनुभवी, विकासोन्मुख और जनता से जुड़ा हुआ नेता खो दिया है।
राजनीति का एक तेजस्वी नेतृत्व हमने खोया: अशोक नेते
गड़चिरोली-चिमूर क्षेत्र के पूर्व सांसद डॉ. अशोक नेते ने कहा कि उपमुख्यमंत्री अजित दादा के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत आघात पहुंचाने वाला है। वे कर्तव्यनिष्ठ, अध्ययनशील और दृढ़ निर्णय क्षमता वाले नेता थे। आम जनता की समस्याओं के प्रति उनका दृष्टिकोण सदैव संवेदनशील और स्पष्ट रहा। उनके असमय निधन से महाराष्ट्र ने एक प्रभावशाली और दूरदर्शी नेतृत्व खो दिया है। इस शोकांतिका से संपूर्ण राज्य शोकाकुल है।
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प्रशासन पर प्रभाव रखने वाले नेता का निधन: रामदास जराते
रामदास जराते शेकाप नेता ने कहा कि अधिकारशाही पर सख्त नियंत्रण रखते हुए राज्य के आम नागरिकों के विकास के लिए निरंतर सक्रिय रहने वाले नेता का अचानक हुई दुर्घटना में निधन पूरे राज्य के लिए गहरा आघात है। मंत्रालयीन कार्यों और विधानसभा सत्रों के दौरान मुझे कई बार उनके प्रशासनिक प्रभाव और दृढ़ता का प्रत्यक्ष अनुभव मिला। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान विधान भवन में उनके साथ एक निजी बैठक भी हुई थी। उस मुलाकात से यह अनुभव हुआ कि वे ऊपर से भले ही कठोर प्रतीत होते हों, किंतु वास्तव में अत्यंत स्नेही, स्पष्टवादी और बेबाक व्यक्तित्व के धनी थे।
राज्य ने खोया प्रभावशाली नेता: मिलिंद नरोटे
गड़चिरोली विधानसभा क्षेत्र विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे ने कहा कि राज्य और जिले को विकास की दिशा दिखाने में उपमुख्यमंत्री अजित दादा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिले के प्रति उनका विशेष लगाव था। प्रशासकीय अधिकारियों पर दबाव बनाकर आम नागरिकों और गरीब जनता के कार्य समय पर पूर्ण कराने वाले नेता के रूप में उनकी पहचान थी।
