अजित पवार का आकस्मिक निधन, वे यादें आंखों से ओझल नहीं होतीं, भंडारा जिला बैंक अध्यक्ष सुनील फुंडे हुए भावुक
Sunil Funde Emotion: उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन पर भंडारा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष सुनील फुंडे भावुक हो गए और सहकार क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Ajit Pawar demise (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ajit Pawar Demise: महाराष्ट्र की राजनीति में अध्ययनशीलता, प्रशासन पर मजबूत पकड़ और सशक्त नेतृत्व के लिए पहचाने जाने वाले उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन से राज्य ने एक बड़े नेता को खो दिया है। इस दुखद घटना से भंडारा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष सुनील फुंडे भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि सहकार क्षेत्र ने अपना एक मजबूत संरक्षक और मार्गदर्शक खो दिया है।
सहकार क्षेत्र में सक्रियता के लिए मिला संबल
सुनील फुंडे ने बताया कि विदर्भ के सहकार क्षेत्र की राजनीति में उन्हें आगे बढ़ाने में अजित पवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महानंदा, शिखर बैंक, महाराष्ट्र फेडरेशन और राज्य सहकारी बैंक जैसे संस्थानों के चुनावों में पवार का मार्गदर्शन उन्हें हमेशा मिलता रहा। अपने अत्यंत व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद वे स्वयं फोन कर चर्चा करते और आवश्यक सुझाव देते थे। इन स्मृतियों को साझा करते हुए फुंडे भावुक हो गए।
अंतिम संवाद की आत्मीयता
उन्होंने अजित पवार के साथ हुए अंतिम संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले राज्य सहकारी मंडल चुनाव के दौरान पवार ने स्वयं फोन कर उन्हें चुनाव लड़ने का आग्रह किया था। जिला बैंक चुनावों की व्यस्तता के कारण यह संभव नहीं हो सका। इस पर पवार ने सकारात्मक स्वर में कहा था कि अगले चुनाव की तैयारी अभी से शुरू करो। यह आत्मीय संवाद आज भी उनकी आंखों के सामने ताजा है।
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कार्यों की अमिट छाप छोड़ी
सुबह तड़के काम शुरू करने वाले, अनुशासनप्रिय और कर्मठ अजित पवार ने बारामती से मंत्रालय तक अपने कार्यों की अमिट छाप छोड़ी। उनका व्यक्तित्व और कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी। इस कठिन समय में ईश्वर उनके परिवार को संबल प्रदान करें।
