
अजित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Ajit Pawar Beed Development Works: महाराष्ट्र की राजनीति के ‘दादा’ और बीड जिले के पालकमंत्री अजित पवार अब हमारे बीच नहीं रहे। पुणे के बारामती के पास हुए भीषण विमान हादसे ने राज्य की सियासत में एक ऐसा शून्य पैदा कर दिया है जिसे भरना नामुमकिन है। बीड जिले के लिए उनका समर्पण अंतिम क्षणों तक बना रहा।
अजित पवार अपनी कार्यशैली और अनुशासन के लिए जाने जाते थे, जिसे स्थानीय लोग “दादा पैटर्न” कहते थे। मृत्यु से महज 48 घंटे पहले भी वह बीड के भविष्य को संवारने में जुटे थे। उन्होंने जिले की 24 अलग-अलग महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के लिए 22 करोड़ रुपये की निधि को हरी झंडी दी थी। किसे पता था कि विकास की यह फाइल उनकी तरफ से जिले के लिए अंतिम हस्ताक्षर साबित होगी। आज बीड का हर नागरिक इन परियोजनाओं को उनके ‘विदाई उपहार’ के रूप में देख रहा है।
19 जनवरी 2025 को जब धनंजय मुंडे के हटने के बाद अजित पवार ने बीड के पालकमंत्री की कमान संभाली, तब से जिले की विकास दर को नई गति मिली थी। उन्होंने जिला नियोजन समिति के माध्यम से 575 करोड़ रुपये का भारी-भरकम आवंटन सुनिश्चित किया। उनका विजन सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं था, बल्कि जमीन पर काम की रफ्तार उनकी पहचान थी।
बीड की जनता के लिए अहिल्यानगर-परली रेल लाइन एक दशक पुराना सपना था। अजित पवार ने न केवल इस लंबित परियोजना को गति दी, बल्कि बीड तहसील के कामखेड़ा क्षेत्र में एक नए हवाई अड्डे के निर्माण के लिए सर्वेक्षण के आदेश भी जारी कर दिए थे। वह चाहते थे कि बीड कनेक्टिविटी के मामले में राज्य के किसी भी बड़े शहर से पीछे न रहे।
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जैसे ही टीवी स्क्रीन पर बारामती विमान हादसे में अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत की खबर फ्लैश हुई, बीड जिले में शोक की लहर दौड़ गई। व्यापारियों, किसानों और आम जनता ने स्वतः स्फूर्त तरीके से दुकानें, स्कूल और बाजार बंद कर दिए। चारों तरफ सन्नाटा पसर गया। लोगों के लिए यह विश्वास करना मुश्किल था कि उनका ‘पालक’ अब उनके साथ नहीं है।
बीड जिले के लिए यह दुखद संयोग है कि उसने एक बार फिर अपना कद्दावर नेता सड़क या हवाई हादसे में खोया है। इससे पहले 3 जून 2014 को भाजपा के दिग्गज नेता गोपीनाथ मुंडे की दिल्ली में सड़क हादसे में मृत्यु हुई थी। आज अजित पवार के जाने से बीड ने अपना दूसरा बड़ा ‘शिल्पकार’ खो दिया है। स्थानीय नेताओं के अनुसार, अजित दादा का जाना जिले के लिए एक अपूरणीय क्षति है।






