Cooking Oil Prices ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Import Shortage: छत्रपति संभाजीनगर मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है।
शहर के बाजारों में पिछले कुछ दिनों में खाद्य तेल के दामों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। व्यापारियों के अनुसार सोयाबीन, सूरजमुखी और पाम तेल सहित कई प्रकार के खाद्य तेल 10 से 12 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं।
छत्रपती संभाजीनगर के किराना बाजार में सोमवार को सोयाचीन तेल लगभग 145 से 150 रुपये प्रति लीटर, सूरजमुखी तेल 160 से 170 रुपये प्रति लीटर और पाम तेल करीब 140 से 150 रुपये प्रति लीटर के आसपास विक रहा है।
कुछ सप्ताह पहले तक यही तेल 10 से 20 रुपये सस्ते मिल रहे थे। व्यापारियों का कहना है कि आयात में कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों के कारण स्थानीय बाजार में भी तेजी आई है।
जानकारों के अनुसार भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। रूस, यूक्रेन और दक्षिण अमेरिका से आने वाले तेल की आपूर्ति प्रभावित होने से बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।
समुद्री परिवहन लागत बढ़ने और डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी के कारण भी कीमती पर दबाव बना हुआ है। शहर के व्यापारियों ने बताया कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्थिति जल्दी सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में खाद्या तेल के दाम और बढ़ सकते हैं।
इससे आम परिवारों के मासिक खर्च पर सीधा असर पड़ेगा। कई परिवारों ने पहले ही तेल की खपत कम करना शुरू कर दिया है। इधर व्यापारियों ने नागरिकों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से तेल का अधिक भंडारण न करें, ऐसा करने से बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है और कीमतें और तेजी से बढ़ सकती है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और खाद्य तेल की आपूर्ति स्थिर हो जाती है तो आने वाले समय में कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल महगाई का दबाव रसोई के बजट पर साफ दिखाई दे रहा है।