कहीं राहत तो कहीं संकट, धुले में पानी की स्थिति बेहतर, औसत जलसंचय 65% पार; किसानों को मिली उम्मीद
Dhule Dam Water Level: धुले में जलसंचय 65% पहुंचकर पिछले साल से बेहतर स्थिति में, सुलवाडे परियोजना 92% के साथ आगे; अनेर-अक्कलपाडा भी सुधार, लेकिन पांझरा व अमरावती बांध में घटते जलस्तर से बढ़ी चिंता।
- Written By: अंकिता पटेल
Dhule Water Storage Report ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Dhule Water Storage Report: जैसे-जैसे सूरज की तपिश बढ़ रही है, धुले जिले के जलाशयों से राहत देने वाले आंकड़े सामने आए हैं। पाटबंधारे विभाग की 16 मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के प्रमुख बांधों में पिछले साल के मुकाबले पानी का स्टॉक बेहतर स्थिति में है।
वर्तमान औसत जल संचय 65.33% है, जबकि पिछले साल इसी समय यह आंकड़ा 58% था।
परियोजनाओं का हालः कहीं खुशी, कहीं चिंता इस साल बांधों के जलस्तर में काफी विविधता देखी गई है।
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सुलवाडे परियोजना इस बार ‘स्टार परफॉर्मर’ रही है। यहाँ पिछले साल के 56% के मुकाबले 92.14% जल संचय है, जो किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
अनेर और अक्कलपाडाः अनेर बांध में 79.81% और अक्कलपाडा में 71.89% पानी उपलब्ध है, जो पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर है।
पांझरा और अमरावती में संकटः चिंता की बात यह है कि जिले की जीवन रेखा पांझरा बांध में जलस्तर गिरकर 44.48% और अमरावती में 40.47% रह गया है।
प्रशासन का एक्शन प्लान पहले प्यास, फिर सिंचाई
बढ़ती गर्मी और वाष्पीभवन के खतरे को देखते हुए पाटबंधारे विभाग ने पानी के उपयोग को लेकर सख्त रणनीति अपनाई है।
नहरों से आपूर्तिः पांझरा बांध के बाएं नहर से 30 क्यूसेक और दाएं नहर से 70 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध पानी का पहला अधिकार पीने के पानी के लिए होगा।
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इसे सुरक्षित रखने के बाद ही सिंचाई के लिए संतुलित वितरण किया जाएगा ताकि जून के अंत तक कोई बड़ा संकट खड़ा न हो। कुल मिलाकर, सुलवाडे और अनेर जैसी परियोजनाओं की मजबूती ने जिले को एक बड़ा सुरक्षा कवच प्रदान किया है।
