मजदूरी नहीं, संकट बढ़ा: गोंदिया के 50 हजार मनरेगा मजदूर परेशान
Gondia Labour Crisis News: गोंदिया जिले में मनरेगा के तहत काम करने वाले 50,000 मजदूरों की पिछले तीन महीने की मजदूरी बकाया है। करोड़ों रुपये न मिलने से मजदूरों के सामने आर्थिक तंगी और पलायन का संकट है।
- Written By: रूपम सिंह
गोंदिया मनरेगा मजदूरों (सोर्स: सोशल मीडिया)
Gondia Employment Guarantee Scheme News: केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मांगेगा उसे काम के तहत 100 दिन काम की गारंटी दी है। लेकिन इस काम पर काम करने वाले करीब 50,000 मजदूरों को पिछले दो-तीन महीने से मजदूरी नहीं दी गई है। गोंदिया जिले में मजदूरों की करोड़ों रु। की मजदूरी बकाया होने की वजह से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरों को काम मांगने के लिए स्थानीय ग्राम पंचायत में आवेदन करना होता है। रोगायो में सबसे ज्यादा काम देने में गोंदिया जिला राज्य में अव्वल है। लेकिन गोंदिया जिले को ही रोगायो का पैसा नहीं दिया जा रहा है, इसलिए मजदूरों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरों को गांव में ही काम मिले, उनका पलायन रुके और साथ ही विभिन्न विकास कार्य भी शुरू हों, इस उद्देश्य से योजना लागू की गई है। इसके लिए रोजगार गारंटी विभाग की ओर से विभिन्न जगहों पर काम शुरू भी किया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
मेट्रो 2 बी का दूसरा-तीसरा चरण फ़ास्ट ट्रैक पर, बुलेट,मेट्रो,मोनो व लोकल से येलो लाइन की मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी
चना खरीद का लक्ष्य पूर्ण, विधायक सावरकर की पहल से पुनः शुरू होने की संभावना
अकोला: पाइप लाइन फटने से दूकान में पानी भरा, व्यापारी को हुआ आर्थिक नुकसान
राज्य में सड़क दुर्घटनाओं और मृत्युदर में आई कमी, अकोला में भी पुलिस अधीक्षक की पहल
लेकिन सरकार ने कोई पैसा नहीं दिया है, इसलिए मजदूरों ने रोगायो के काम पर जाना कम कर दिया है। 15 दिन काम देना अनिवार्य है। अगर इस दौरान मजदूरों को काम नहीं मिलता है, तो उन्हें नियमानुसार रोजगार भत्ता दिया जाता है। ‘रोगायो’ के तहत काम बढ़ने के कारण गोंदिया जिले में एक ही दिन में हजारों मजदूर काम कर रहे हैं।
कुछ तहसीलों में मजदूरी राशि की प्रक्रिया चल रही
गोंदिया जिले के कुछ तहसीलों में मजदूरों की मजदूरी मजदूरों के खाते में जमा हो गई है। कुछ तहसीलों में प्रक्रिया चल रही है। रोगायो कार्य करने वाले मजदूरों की मजदूरी देने की प्रक्रिया सरकारी स्तर पर किया जाता है। तहसील में जिन मजदूरों की मजदूरी बाकी है। उन्हें जल्द ही मजदूरी मिलने की संभावना है। (विजय लोंढे, उपजिला कार्यक्रम समन्वयक, रोगायो, जिप गोंदिया)
जिले में संचालित कार्य और मजदूरों की संख्या
| तहसील | शुरू काम | मजदूर |
|---|---|---|
| आमगांव | 340 | 1797 |
| अर्जुनी मोरगांव | 534 | 2404 |
| देवरी | 229 | 756 |
| गोंदिया | 600 | 2731 |
| गोरेगांव | 579 | 2430 |
| सड़क अर्जुनी | 400 | 1797 |
| सालेकसा | 251 | 1256 |
| तिरोड़ा | 291 | 2026 |
ये भी पढ़े:- चंद्रपुर मनपा स्थायी समिति चुनाव: ईश्वरचिट्ठी से जीतीं मनस्वी, भाजपा गठबंधन का कब्जा
मजदूरों को डेढ़ महीने के बाद भी नहीं मिली मजदूरी
सरकार ने मनरेगा के तहत काम मांगने वालों को काम दिया। डेढ़ महीने से मनरेगा में काम करने के बाद भी समय पर मजदूरी नहीं मिलने से आर्थिक तंगी का सामना – करना पड़ रहा है।
(चिंतामन राऊत, बोटे, गोरेगांव)
प्रशासन जल्द राशि की पूर्ति करें, आर्थिक स्थिति बिगड़ी
पिछले तीन महीने से रोजगार गारंटी योजना में काम किया है। लेकिन, अभी तक खाते में मजदूरी नहीं आई है। इस वजह से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उम्मीद है कि सरकार जल्द ही मजदूरी का राशि जमा कर देंगी।
(रामेश्वर वारई, सोनेगांव)
