गोंदिया मनरेगा मजदूरों (सोर्स: सोशल मीडिया)
Gondia Employment Guarantee Scheme News: केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मांगेगा उसे काम के तहत 100 दिन काम की गारंटी दी है। लेकिन इस काम पर काम करने वाले करीब 50,000 मजदूरों को पिछले दो-तीन महीने से मजदूरी नहीं दी गई है। गोंदिया जिले में मजदूरों की करोड़ों रु। की मजदूरी बकाया होने की वजह से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरों को काम मांगने के लिए स्थानीय ग्राम पंचायत में आवेदन करना होता है। रोगायो में सबसे ज्यादा काम देने में गोंदिया जिला राज्य में अव्वल है। लेकिन गोंदिया जिले को ही रोगायो का पैसा नहीं दिया जा रहा है, इसलिए मजदूरों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरों को गांव में ही काम मिले, उनका पलायन रुके और साथ ही विभिन्न विकास कार्य भी शुरू हों, इस उद्देश्य से योजना लागू की गई है। इसके लिए रोजगार गारंटी विभाग की ओर से विभिन्न जगहों पर काम शुरू भी किया गया है।
लेकिन सरकार ने कोई पैसा नहीं दिया है, इसलिए मजदूरों ने रोगायो के काम पर जाना कम कर दिया है। 15 दिन काम देना अनिवार्य है। अगर इस दौरान मजदूरों को काम नहीं मिलता है, तो उन्हें नियमानुसार रोजगार भत्ता दिया जाता है। ‘रोगायो’ के तहत काम बढ़ने के कारण गोंदिया जिले में एक ही दिन में हजारों मजदूर काम कर रहे हैं।
गोंदिया जिले के कुछ तहसीलों में मजदूरों की मजदूरी मजदूरों के खाते में जमा हो गई है। कुछ तहसीलों में प्रक्रिया चल रही है। रोगायो कार्य करने वाले मजदूरों की मजदूरी देने की प्रक्रिया सरकारी स्तर पर किया जाता है। तहसील में जिन मजदूरों की मजदूरी बाकी है। उन्हें जल्द ही मजदूरी मिलने की संभावना है। (विजय लोंढे, उपजिला कार्यक्रम समन्वयक, रोगायो, जिप गोंदिया)
| तहसील | शुरू काम | मजदूर |
|---|---|---|
| आमगांव | 340 | 1797 |
| अर्जुनी मोरगांव | 534 | 2404 |
| देवरी | 229 | 756 |
| गोंदिया | 600 | 2731 |
| गोरेगांव | 579 | 2430 |
| सड़क अर्जुनी | 400 | 1797 |
| सालेकसा | 251 | 1256 |
| तिरोड़ा | 291 | 2026 |
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सरकार ने मनरेगा के तहत काम मांगने वालों को काम दिया। डेढ़ महीने से मनरेगा में काम करने के बाद भी समय पर मजदूरी नहीं मिलने से आर्थिक तंगी का सामना – करना पड़ रहा है।
(चिंतामन राऊत, बोटे, गोरेगांव)
पिछले तीन महीने से रोजगार गारंटी योजना में काम किया है। लेकिन, अभी तक खाते में मजदूरी नहीं आई है। इस वजह से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उम्मीद है कि सरकार जल्द ही मजदूरी का राशि जमा कर देंगी।
(रामेश्वर वारई, सोनेगांव)