Dhule Surat Nagpur Highway Case( सोर्स: सोशल मीडिया )
Dhule Surat Nagpur Highway Case: धुले सूरत-नागपुर हाईवे पर रात के अंधेरे में चल रहे ईंधन घोटाले को धुलिया पुलिस ने उजागर किया है। स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने एक ऐसे टैंकर को पकड़ा है जिसमें डोजल की शक्ल में ज्वलनशील केमिकल भरकर उसे खुले बाजार में खपाने की तैयारी थी।
पुलिस इंस्पेक्टर श्रीराम पवार के नेतृत्व में 12 मार्च की देर रात करीब 1:30 बजे हाईवे पर पेट्रोलिंग चल रही थी। फागणे गांव के पास पुलिस को एक टैंकर (टाटा एलपीटी एक टैंकर (टाटा एलपीटी 3718) संदिग्ध हालत में मिला।
जांच करने पर उसमें भारी मात्रा में डीजल जैसा दिखने वाला रासायनिक द्रव्य पाया गया। चालक ने खुद को बचाने के लिए राजकोट से मलकापुर के ‘बापा सिताराम टेडिंग’ के नाम पर ई-वे बिल और इनवॉइस दिखाए, लेकिन जब पुलिस ने जांच की, तो मलकापुर में इस नाम की कोई फर्म ही मौजूद नहीं मिली।
पुलिस ने 13,86,840 रुपये कीमत का 30,480 किलो केमिकल और 10 लाख रुपये का टैंकर, यानी कुल 23,86,840 रुपये का माल जब्त किया है।
मामले में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी विकासकुमार बबलू चौधरी (23, निवासी बिहार) और जयदीप गिडा (निवासी गुजरात) को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस को शक है कि इस केमिकल का उपयोग डीजल में मिलावट करने या इसे अवैध रूप से बायो-डीजल के रूप में बेचने के लिए किया जाना था। पीएसआई चेतन अरुण मुंडे की शिकायत पर मामला दर्ज कर पुलिस अब इस नेटवर्क के मुख्य मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है।
प्रमुख अधिकारी: पुलिस इंस्पेक्टर श्रीराम पवार।
कुल जब्ती: 2386 लाख रुपये का माल।
केमिकल का वजन: 30,480 किलो
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तस्करी का रूटः राजकोट (गुजरात) से मलकापुर महाराष्ट्र)।
प्रमुख आरोप:धोखाधड़ी, नकली दस्तावेज और अवैध ज्वलनशील पदार्थ की दुलाई।