धुले में जल जीवन मिशन पर सख्ती, ठेकेदारों पर कार्रवाई, स्कूल-अंगनवाड़ी में 100% जल आपूर्ति अनिवार्य
Dhule Water Supply Scheme: धुले में जल जीवन मिशन कार्यों में देरी पर ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी। हर घर नल से जल और स्कूलों में 100% जल उपलब्धता के निर्देश दिए गए हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Dhule District Jal Jeevan Mission: धुले जिले में ‘हर घर नल से जल’ के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी भाग्यश्री विसपुते ने जिला जल व स्वच्छता मिशन समिति की बैठक में स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने तय समयसीमा के भीतर काम पूरा न करने वाले ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी कार्यालय के सातपुडा सभागृह में आयोजित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी स्कूलों, आंगनवाड़ियों और आश्रम शालाओं में पीने के पानी और शौचालयों के लिए 100 प्रतिशत जल उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, आपूर्ति किए जा रहे पेयजल की शुद्धता और गुणवत्ता की नियमित जांच कर उसकी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपने पर जोर दिया गया।
सम्बंधित ख़बरें
वाडी में तथागत गौतम बुद्ध जयंती के मौके पर “वॉक फॉर पीस एंड नेशन” वॉक थाम को उत्तम प्रतिसाद
नागपुर में गरजे वडेट्टीवार, बंगाल में भाजपा ने की लोकतंत्र की हत्या, अब जनता पर महंगाई का प्रहार
महावितरण ने भी मनाया राज्य स्थापना दिन : प्रतिभाशाली जन मित्रों और मशीन संचालकों को सम्मानित किया
नीतेश राणे का अबू आजमी को चैलेंज, अज़ान भी मराठी में दें, मदरसों में पढ़ाएं मराठी, फिर हमें नसीहत दें
जलस्तर बढ़ाने के लिए ‘रिचार्ज शाफ्ट’ पर जोर
जिले के सूखातास्त क्षेत्रों की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने दूरदर्शी निर्देश दिए है। उन्होंने भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए नाली और बाधों पर रिचार्ज शाफ्ट के निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने को कहा है। इससे न केवल वर्तमान जलापूर्ति सुधरेगी, बल्कि भविष्य के लिए भी जल संचय सुनिश्चित हो सकेगा।
यह भी पढ़ें:-धुले में लाडकी बहीण योजना के पेंडिंग आवेदन होंगे मंजूर, KYC त्रुटि से अटके आवेदन, अब मिलेगी राहत
संशोधित बजट और कार्ययोजना को मंजूरी
बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संशोधित अनुमान पत्रकों को प्रशासनिक मंजूरी दी गई।
इस दौरान जिला परिषद ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की कार्यकारी अभियंता जयश्री सार्वे, वरिष्ठ भूवैज्ञानिक गिरीश भोरे और सहायक भूवैज्ञानिक सुवर्णा गांगुर्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब आगे की कार्रवाई युद्धस्तर पर की जाएगी ताकि कोई भी ग्रामीण परिवार प्यासा न रहे।
