पुणे-नासिक,मुंबई नेशनल हाईवे की मरम्मत जरूरी, DCM अजित ने गडकरी को लिखा पत्र

Maharashtra News: उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने केंद्रिय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है। उन्होंने पुणे-नासिक और नासिक-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्गों की मरम्मत करने की मांग की है।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (pic credit; social media)
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मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर पुणे-नासिक और नासिक-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्गों की तुरंत मरम्मत की मांग की है। पवार ने कहा कि इन दोनों राजमार्गों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और इनकी हालत बेहद खराब हो गई है। सड़कों की खस्ता हालत के चलते दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

अपने पत्र में अजित पवार ने लिखा है कि पुणे-नाशिक राजमार्ग औद्योगिक, वाणिज्यिक और यात्री यातायात की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। लेकिन वर्तमान में इस मार्ग पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिससे वाहनों को भारी नुकसान हो रहा है और दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। आम नागरिकों को समय की बर्बादी, ईंधन की खपत और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मार्ग पर नियमित रूप से टोल वसूला जा रहा है, फिर भी सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।

नासिक-मुंबई राजमार्ग की हालत खस्ता

इसके अलावा, पवार ने नासिक-मुंबई राजमार्ग की खतरनाक स्थिति की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। विशेष रूप से कसारा घाट और इगतपुरी क्षेत्रों में, जहां सड़क की खराब गुणवत्ता, घटिया डायवर्जन और अधूरे पुल यात्रियों के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं। इस मार्ग पर भी कई गंभीर दुर्घटनाएं सामने आई हैं।

तुरंत दें मरम्मत के आदेश

उपमुख्यमंत्री ने मांग की है कि दोनों राजमार्गों का गहन निरीक्षण किया जाए और तुरंत मरम्मत के आदेश जारी किए जाएं। केंद्रीय मंत्री गडकरी की कार्यकुशलता और बुनियादी ढांचे के विकास में उनके योगदान पर भरोसा जताते हुए अजीत ने अपने पत्र में विश्वास व्यक्त किया है कि उनके मार्गदर्शन में इन दोनों राजमार्गों की मरम्मत का कार्य शीघ्रता से संपन्न किया जाएगा।

बता दें कि समृद्धि हाईवे को महाराष्ट्र के ड्रीम प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जाता है। लेकिन 11 जून को भी इसी समृद्धि हाईवे पर दरारें आ गई थीं। इसके बाद इन कमियों को भरने का काम राज्य विकास निगम ने किया। इसके बाद महज एक माह में हालात फिर वैसे ही हो गये हैं।

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