ठाणे में पानी संकट पर महापौर का सख्त रुख, टैंकर व्यवस्था और अतिरिक्त जल आपूर्ति पर सख्त निर्देश

Thane में बढ़ते पानी संकट को लेकर महापौर ने पहली समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। टैंकर व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल समाधान की योजना तैयार करने को कहा गया।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Thane Mayor Water Supply Review Meeting: शहर में बढ़ती पानी की कमी को लेकर महापौर शर्मिला रोहित पिंपलोलकर ने कड़ा रुख अपनाया है।

पदभार संभालने के बाद उन्होंने पानी आपूर्ति को लेकर पहली समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि नागरिकों को पानी के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।

महापौर कक्ष में हुई बैठक में नगर अभियंता प्रशांत सोनग्रा, उपनगर अभियंता विकास ढोले सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। महापौर ने उन इलाकों की जानकारी ली, जहां पानी की समस्या ज्यादा है। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर जाकर हालात का जायजा लेने तथा तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए।

टैंकर व्यवस्था पर निगरानी

  • महापौर ने रोजाना चलने वाले मुफ्त पानी के टैंकरों की संख्या, खर्च और वितरण की पूरी जानकारी मांगी।
  • उन्होंने कहा कि पानी वितरण में पूरी पारदर्शिता रखी जाए और किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अतिरिक्त पानी की मांग पर पहल

  • शहर के लिए 50 एमएलडी अतिरिक्त पानी की मांग की गई थी, लेकिन फिलहाल केवल 5 एमएलडी ही मिल पाया है।
  • इस पर महापौर ने नाराजगी जताते हुए शेष पानी के लिए तुरंत जरूरी प्रशासनिक कदम उठाने के निर्देश दिए, 16 फरवरी को इस विषय पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका के साथ बैठक प्रस्तावित है।

कलवा, मुंब्रा और दिवा की समस्या पर विशेष ध्यान

कलवा, मुंब्रा और दिवा क्षेत्रों में 8 से 10 दिन बाद पानी मिलने की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि पंप हाउस और जलाशय चालू कर आपूर्ति सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित विभाग से अतिरिक्त पानी की मांग भी की गई है।

पानी में नहीं चलने दी जाएगी कालाबाजारी

बैठक में महापौर ने अवैध टैंकर माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि पानी जैसे जरूरी संसाधन में किसी भी तरह की कालाबाजारी या अवैध वसूली नहीं चलने दी जाएगी। महापौर ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन पूरी जिम्मेदारी से काम करेगा और नागरिकों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। साथ ही अप्रैल-मई में संभावित पानी संकट को देखते हुए भंडारण, लीकेज नियंत्रण, मरम्मत और टैंकर प्रबंधन की ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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