प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Land Fraud Case: छत्रपति संभाजीनगर, शहर प्रतिनिधि। करमाड़ गांव स्थित गट क्रमांक 30 की कृषि भूमि के सौदे में फर्जी दस्तावेज बनाकर नकली महिला गवाहों व कथित महिला मालकिनों को खड़ा कर 70 लाख रुपए की जमीन धोखाधड़ी करने की गंभीर घटना प्रकाश में आई है। प्रकरण में मुख्य आरोपी व लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात ब्रोकर राजू उर्फ कचरू विठ्ठल जाधव को पुलिस ने जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।
संतोष वैद्य (सातारा परिसर, बीड़ बाईपास) ने करमाड़ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई कि जनवरी 2025 में आरोपी राजू जाधव ने उसे करमाड़ स्थित गट क्रमांक 30 की 3 हेक्टेयर 84 आर भूमि बिक्री के लिए उपलब्ध होने की जानकारी दी थी। यह जमीन रायचुरी परिवार की निजी मिल्कियत बताकर आरोपी ने भरोसे में लिया व इसार पावती भी की।
इसके बाद जानबूझकर रजिस्टर्ड बिक्री विलेख (खरेदीखत) करने में टालमटोल की गई। वैद्य के गहराई से जांच करने पर व्यवहार पूरी तरह फर्जी व सुनियोजित धोखाधड़ी का निकला। सौदे में शिकायतकर्ता से 50 लाख रुपए की ठगी करने का खुलासा हुआ।
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि फर्जी नामों से प्राप्त किए गए चेकों को बेंगलुरु स्थित गजलक्ष्मी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के जरिए अवैध रूप से भुनाया गया।
मामले में संबंधित सोसायटी का संचालक भी आरोपी है। प्रकरण में पहले ही वैशाली राजू जाधव को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो फिलहाल पुलिस हिरासत में है। फर्जी महिला पात्रों में से एक की।
यह भी पढ़ें:-सिंहस्थ 2027: कुंभ मेले के लिए परिवहन महायोजना, 4,500 बसें तैनात, बस स्टैंड होंगे कंक्रीट
शिनाख्त ई। लता सुरेश (तिरुपति) के रूप में हुई है।
अपराध दर्ज होने के बाद से मुख्य आरोपी राजू जाधव फरार था।
वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर लगातार ठिकाने बदल रहा था, गोपनीय सूचना के आधार पर स्थानीय अपराध शाखा ने हर्सल टी प्वाइट क्षेत्र से उसे धर दबोचा।
आरोपी के खिलाफ इससे पहले भी जालना जिले में धोखाधड़ी का केस दर्ज है।