सीमेंट कंपनी को दी गई NOC रद्द करने की मांग, ग्रामपंचायत के खिलाफ प्रदर्शन, 22 को रास्ता रोको आंदोलन
Shree Cement NOC: वरोरा तहसील के येन्सा गट में श्रीसीमेंट कंपनी को दी गई एनओसी के खिलाफ ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया है और मांगें न माने जाने पर 22 जनवरी को रास्ता रोको आंदोलन की चेतावनी दी है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Shree Cement NOC:वरोरा तहसील (सोर्सः सोशल मीडिया)
Warora News: वरोरा तहसील अंतर्गत येन्सा गट ग्रामपंचायत क्षेत्र में प्रस्तावित श्रीसीमेंट कंपनी को ग्रामपंचायत द्वारा दी गई अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कंपनी को एनओसी देते समय न तो ग्रामपंचायत सदस्यों को विश्वास में लिया गया और न ही ग्रामवासियों को इसकी कोई जानकारी दी गई।
इस मुद्दे को लेकर उपसरपंच सुरेखा लभाने, छह ग्रामपंचायत सदस्यों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर ग्रामपंचायत के खिलाफ प्रदर्शन किया और एनओसी तत्काल रद्द करने की मांग की। साथ ही, कंपनी की स्थापना से संबंधित संभावित लाभ, सुविधाएं और दुष्परिणामों पर चर्चा के लिए ग्रामसभा आयोजित करने की मांग भी की गई है।
गांव से जुड़ा एक गंभीर विषय
ग्रामीणों के अनुसार, यह गांव से जुड़ा एक गंभीर विषय है, इसलिए ग्रामसभा में सभी शंकाओं और समस्याओं पर खुलकर चर्चा की जानी चाहिए। ग्रामीणों की सहमति के बाद ही श्रीसीमेंट कंपनी को एनओसी दी जाए, ऐसी स्पष्ट मांग ज्ञापन के माध्यम से की गई है। इस संबंध में ग्रामपंचायत सरपंच और सचिव को निवेदन सौंपा गया है, जिसकी एक प्रति गट विकास अधिकारी को भी दी गई है।
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मांग नहीं मानी तो 22 को रास्ता रोको आंदोलन
इस विषय में ग्रामीणों ने उपविभागीय अधिकारी को भी निवेदन देकर चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 22 जनवरी को रास्ता रोको आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि कंपनी के भारी वाहनों की आवाजाही से गांव में दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा।
श्रीसीमेंट कंपनी की गांव में स्थापना को लेकर गंभीर सवाल
निवेदन पर हस्ताक्षर करने वालों में उपसरपंच सुरेखा लभाने, ग्रामपंचायत सदस्य अस्मिता सत्यवान देवतले, लक्ष्मण नामदेव डवरे, मोनाली विनोद अवघडे, कल्पना भीमराव शेंडे, वंदना मनोज बोरेकर, अविनाश रामचंद्र पायघन, हर्षद आवारी, जगदीश खिरटकर, ईश्वर देवतले, छाया देवतले, वंदना सरपाते सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हैं। ग्रामीणों की एकजुटता के चलते अब श्रीसीमेंट कंपनी की गांव में स्थापना को लेकर गंभीर सवाल खड़ा हो गया है।
