
जांच अधिकारियों ने पंचायत समिति पहुंचकर किया घटनास्थल का पंचनामा (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Wardha Police Custody: आर्वी पंचायत समिति में हुए मनरेगा निधि गबन प्रकरण में आर्वी पुलिस ने मनरेगा सहायक कार्यक्रम अधिकारी प्रणाली कसर एवं अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कसर को गिरफ्तार कर फिलहाल पुलिस कस्टडी में रखा गया है। शुक्रवार, 28 नवंबर को इस मामले के जांच अधिकारी द्वारा मुख्य आरोपी प्रणाली कसर का बयान दर्ज किया गया। इसके साथ ही घटनास्थल का पंचनामा भी किया गया।
गांवों में मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का आर्वी पंचायत समिति में कथित तौर पर ‘आधे तुम, आधे हम’ के अंदाज में गलत संचालन किए जाने का मामला उजागर होने के बाद जांच प्रारंभ की गई।
इस प्रकरण में मुख्य आरोपी प्रणाली कसर को आर्वी पुलिस ने गिरफ्तार कर 29 नवंबर तक की पुलिस कस्टडी प्राप्त की है। अपराध से संबंधित अधिक जानकारी जुटाने हेतु पुलिस पूछताछ कर रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को पुलिस उपनिरीक्षक एवं उनकी टीम ने आर्वी पंचायत समिति पहुँचकर घटनास्थल का पंचनामा किया। पुलिस टीम के कार्यालय पहुंचते ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना की 70 लाख रुपये से अधिक सरकारी निधि के गबन से जुड़े अपराध की जांच के लिए शुक्रवार को पुलिस टीम ने आर्वी पंचायत समिति का दौरा किया। पंचनामा के दौरान गट विकास अधिकारी सुनीता मरसकोल्हे विशेष रूप से उपस्थित थीं। उनकी शिकायत पर ही प्रणाली कसर एवं अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। मामले के दर्ज होते ही पुलिस ने कुछ ही घंटों में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर 3 दिन की पुलिस कस्टडी प्राप्त कर ली।
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70 लाख रुपये से अधिक की सरकारी निधि गबन से संबंधित अपराध की जांच के लिए आर्वी पुलिस की टीम जल्द ही वर्धा जिला परिषद के कार्यालय में भी पहुंचने वाली है। सह आरोपियों की तलाश जारी है और उनके खिलाफ ठोस सबूत जुटाने की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। इस मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।






