Chandrapur News: अनुकंपा नौकरी की लंबी प्रतीक्षा से त्रस्त युवक ने की आत्महत्या, मनपा करती रही टालमटोल
चंद्रपुर के स्थानीय बाबुपेठ निवासी एक युवक ने मनपा में अनुकंपा पर नौकरी की प्रतीक्षा करते-करते त्रस्त होने के बाद आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने वाले युवक का नाम संदीप यासलवार है।
- Written By: आंचल लोखंडे
अनुकंपा नौकरी की लंबी प्रतीक्षा से त्रस्त युवक की आत्महत्या। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
चंद्रपुर: स्थानीय बाबुपेठ निवासी एक युवक ने मनपा में अनुकंपा पर नौकरी की प्रतीक्षा करते-करते त्रस्त होने के बाद आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने वाले युवक का नाम संदीप यासलवार है, जो राष्ट्रवादी कांग्रेस का एक सक्रिय कार्यकर्ता था। बताया जाता है कि पिछले कुछ वर्षों से वह स्थानीय महानगर पालिका में अनुकंपा में नौकरी प्राप्त करने के लिए निरंतर चक्कर काट रहा था। इस नौकरी के लिए सारी कागज़ी कार्रवाई पूर्ण भी हुई थी, लेकिन पुलिस वेरिफिकेशन के नाम पर मनपा उसे काम पर रखने को टालमटोल कर रही थी।
यह भी बताया जाता है कि संदीप एक राजनीतिक पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता होने से वह पार्टी द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले आंदोलनों में सक्रिय रूप से सम्मिलित होता था, अतः उसके खिलाफ राजनीतिक मामले दर्ज थे। संदीप ने इस संदर्भ में मनपा आयुक्त से मिलकर उन्हें यह समझाया भी था कि उसके खिलाफ दर्ज सभी मामले राजनीतिक हैं और उनमें से भी कुछ मामलों में वह बाइज्जत बरी भी हो चुका है, इस संदर्भ में उसने मनपा में शपथपत्र भी दाखिल किया था।
पिछले कुछ माह से था परेशान
घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने से उसे इस नौकरी की बेहद जरूरत थी, लेकिन पिछले 4 वर्षों की प्रदीर्घ प्रतीक्षा के बाद भी उसे मनपा प्रशासन की ओर से अनुकंपा के तहत नौकरी नहीं दी जा रही थी। इस बात से वह पिछले कुछ माह से मानसिक रूप से परेशान था। मनपा प्रशासन की इस बेरुखी के चलते आत्महत्या करने की बात उसने अपने कई परिचितों के सामने की थी। रविवार को अंततः उसने बाबुपेठ में स्थित अपने घर के समीप एक विहार में आत्महत्या की।
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नौकरी के बदले पैसे की मांग
इस संदर्भ में राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता तथा पूर्व नगराध्यक्ष दीपक जयस्वाल ने बताया कि संदीप की माँ तथा अन्य परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार संदीप को अनुकंपा के तहत नौकरी देने के लिए मनपा के कुछ अधिकारियों द्वारा उससे पैसों की मांग की जा रही थी, घर की हालत बेहद दयनीय होने से वह यह मांग पूर्ण करने में असमर्थ था। पिछले दो-तीन वर्षों से जब से वह अनुकंपा में था, उसने बार-बार मनपा के अधिकारियों से नौकरी की मांग की थी, लेकिन सभी अधिकारियों ने उसकी बात अनसुनी कर दी और नौकरी के बदले पैसे की मांग की।
जयस्वाल ने स्पष्ट किया कि संदीप ने अपनी मां को इस मामले के बारे में सब कुछ बताया था। संदीप राष्ट्रवादी पार्टी का कट्टर कार्यकर्ता और एक सामाजिक कार्यकर्ता भी था और वह हमेशा सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में भाग लेता था। इसी के चलते उसके खिलाफ कुछ मामले दर्ज थे, वे कोई गंभीर मामले नहीं थे।
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संबंधित भ्रष्ट अधिकारी जिम्मेदार
उन्होंने यह आरोप लगाया कि मानसिक परेशानी के कारण संदीप ने आत्महत्या की है, उसकी मौत के लिए मनपा के संबंधित भ्रष्ट अधिकारी जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। संदीप के परिवार को न्याय नहीं मिला और दोषी भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी कड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मनपा में फिलहाल अनुकंपा के 125 से अधिक मामले लंबित हैं और मनपा को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि ऐसी अनुचित घटना फिर न हो।
