AIMIM का प्रस्ताव: स्कूलों और धार्मिक स्थलों के पास शराब दुकानें हटाने को लेकर संभाजीनगर मनपा आमसभा में हंगामा
Liquor Shop Issue: छत्रपति संभाजीनगर मनपा आमसभा में स्कूलों व धार्मिक स्थलों के पास शराब दुकानों को हटाने की मांग पर हंगामा हुआ। महापौर ने उत्पाद शुल्क विभाग को पत्र भेजने के निर्देश दिए।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
छत्रपति संभाजीनगर मनपा आमसभा (फोटो नवभारत)
School Religious Place Liquor Shop Issue: मनपा की आमसभा में मंगलवार को स्कूलों और धार्मिक स्थलों से 100 मीटर के दायरे में संचालित शराब की दुकानों को हटाने की मांग को लेकर जमकर हंगामा हुआ। AIMIM द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के नगरसेवक आमने-सामने आ गए, जिससे कुछ समय के लिए सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
विवाद बढ़ता देख महापौर समीर राजूरकर ने हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट किया कि यह विषय महानगरपालिका के अधिकार क्षेत्र से संबंधित नहीं है। हालांकि उन्होंने मनपा आयुक्त को इस संबंध में राज्य उत्पाद शुल्क विभाग से पत्राचार करने के निर्देश दिए।
प्रस्ताव का समर्थन की अपील
आमसभा में विपक्ष के नेता समीर साजिद ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि स्कूलों और धार्मिक स्थलों के समीप संचालित शराब की दुकानों को तत्काल हटाया जाना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर भाजपा, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) और शिवसेना (शिंदे) के नगरसेवकों से समर्थन की अपील की साथ ही इस प्रस्ताव को लेकर कोर्ट के आदेश का हवाला भी दिया। इस दौरान सत्ता पक्ष पर की गई उनकी टिप्पणियों के बाद भाजपा नगरसेवकों ने कड़ा विरोध जताया।
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महापौर ने लोगों को दिलाया आश्वासन
भाजपा के नगरसेवक राजगौरव वानखेड़े, स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिए सहित कई सदस्यों ने कहा कि शराब दुकानों के लाइसेंस और उनके स्थान निर्धारण का अधिकार महानगरपालिका के पास नहीं है, इसलिए इस विषय पर सदन में प्रस्ताव लाना उचित नहीं है।
इसके बाद AIMIM के नगरसेवक ओसामा और अन्य सदस्यों ने भी अपनी बात रखी, जिससे सदन में शोर- शराबा बढ़ गया।स्थिति को नियंत्रित करते हुए महापौर समीर राजूरकर ने कहा कि विषय भले ही महानगरपालिका के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, लेकिन जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मनपा आयुक्त राज्य उत्पाद शुल्क विभाग को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध करेंगे। इसके बाद मामला शांत हुआ।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
