चंद्रपुर में ग्राम पंचायत के सरपंच व उपसरपंच पर गिरी गाज, अनियमितता के चलते सदस्यता रद्द
निविदा में अनियमितता और समय पर ग्राम सभा नहीं लेने के कारण अपर आयुक्त नागपुर ने चंद्रपुर जिले के ग्राम पंचायत ऊर्जानगर के सरपंच व उपसरपंच दोनों को दोषी मानते हुए तत्काल पद से हटा दिया। साथ ही सदस्यता भी दोनों को छीन ली गई।
- Written By: आकाश मसने
चंद्रपुर जिले की ग्राम पंचायत ऊर्जानगर
चंद्रपुर: निविदा में अनियमितता और समय पर ग्राम सभा नहीं लेने के कारण अपर आयुक्त नागपुर ने चंद्रपुर जिले के ग्राम पंचायत ऊर्जानगर के सरपंच व उपसरपंच दोनों को दोषी मानते हुए तत्काल पद से हटा दिया। साथ ही सदस्यता भी दोनों को छीन ली गई। इससे ग्राम पंचायत उर्जानगर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई है। अब आगे ग्राम पंचायत कौन संभालेगा? प्रशासक बैठेगा या नए सरपंच का चुनाव होगा, इस संबंध में चर्चाएं तेजी हो रही हैं।
चंद्रपुर जिले के ग्राम पंचायत ऊर्जानगर सदस्य राजकुमार डोमकावडे ने ग्रामपंचायत में ई-निविदा प्रक्रिया में की जा रही अनियमितता और मई 2022 में ग्रामसभा नहीं लिए जाने को लेकर सरपंच मंजुषा येरगुडे व तत्कालीन सचिव के खिलाफ लिखित शिकायत की थी। साथ ही सचिव को नियमानुसार निलंबन करने की मांग की गई।
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सचिव भी दोषी पाए गए
जिलापरिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विवेक जॉनसन ने शिकायतकर्ता राजकुमार डोमकावडे के निवेदन पर विस्तृत जांच करवाई। ई टेंडर प्रक्रिया में बेवजह शर्त लगाने और किसी खास को लाभ पहुंचाने जैसे स्थिति स्पष्ट रूप से सामने आई। इस मामले में सरपंच, उपसरपंच और सचिव की भूमिका संदिग्ध पाई गई। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने प्रथम द्रष्टया पाया कि तीनों ने दोषी हैं और कार्रवाई के पात्र हैं।
सरपंच ले रहीं कानूनी सलाह
अयोग्य ठहराए गए सरपंच मंजुषा येरगुडे ने कहा कि ”मुझे बाहर से जानकारी प्राप्त हुई है कि मेरे खिलाफ आदेश आया है, परंतु मुझे अभी पत्र नहीं मिला। जबतक पत्र नहीं मिलता तबतक मैं ही सरपंच हूं। आगे क्या किया जा सकता है, उसकी कानूनी सलाह ले रहीं हूं।”
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इधर, राजकुमार डोमकावले ने कहा कि मैं बेहद खुश हूं। उन्होंने कहा कि रिजल्ट आने में देरी हुई है। सब कुछ स्पष्ट था। इतना देर नहीं लगना चाहिए था। उन्होंने कहा कि हमारी तरफ से संबंधित मंत्रालय को केवियट लगा दिया गया है।
