rural protest Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
Kondhala Village Protest: वरोरा तहसील के येन्सा ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले कोंढाला गांव में प्रस्तावित श्री सीमेंट कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों ने आक्रामक रुख अपनाया है। येन्सा की पूर्व उपसरपंच सुरेखा लभाणे के नेतृत्व में शुरू किया गया धरना आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा और देर शाम तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। आंदोलनकारियों को विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन मिल रहा है। इस आंदोलन में 100 से अधिक ग्रामीण महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। आंदोलन कंपनी परिसर के बाहर कैनल की जगह सड़क के समीप चल रहा है।
विदित हो कि वरोरा के उपविभागीय अधिकारी संदीप भस्के ने मंगलवार रात आंदोलन स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान तांबडे, एपीआई शरद भस्मे तथा दर्जनों ग्रामीण आंदोलनकारी उपस्थित थे। आंदोलनकारी अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं करने के रुख पर कायम हैं।
इस बीच आंदोलन स्थल पर पहुंचकर शिंदे शिवसेना की युवा सेना के जिला प्रमुख आलेख रहे ने आश्वासन दिया कि वे मुंबई में पार्टी प्रमुख श्रीकांत शिंदे से मुलाकात कर ग्रामीणों की समस्याएं उनके समक्ष रखेंगे। वहीं देर शाम मनसे के जिला उपाध्यक्ष राजू कुकडे, बालू गेडाम और सतीश गेडाम अपने कार्यकर्ताओं के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
ये भी पढ़े: किडनी कांड: SIT को मिला ‘THOTA’ का ब्रह्मास्त्र, किडनी तस्करी के ‘दिल्ली कनेक्शन’ पर पुलिस ने कसा शिकंजा
16 फरवरी को गैरकानूनी आंदोलन का अपराध दर्ज कर शिवाजी जयंती के दिन नोटिस दिए जाने से आंदोलनकारी कंपनी पर नाराज हैं। सुरेखा लभाणे ने कहा कि ग्रामीण अब अपने हक के लिए दोगुनी ताकत से लड़ेंगे और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।