वरोरा में 'श्री सीमेंट' के खिलाफ आंदोलन, पुलिस से धक्का-मुक्की और बिच्छू के डंक के बावजूद डटे आंदोलनकारी!

Shree Cement Plant Protest: चंद्रपुर के वरोरा में श्री सीमेंट कंपनी का कड़ा विरोध। आंदोलन के दौरान पुलिस और ग्रामीणों में धक्का-मुक्की, महिलाएं घायल। ग्राम पंचायत की NOC रद्द करने की मांग।
Protests intensify against the proposed Shree Cement plant in Warora, Chandrapur.
श्री सीमेंट कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन (सौजन्य-नवभारत)
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Chandrapur Villagers Agitation: चंद्रपुर जिले के वरोरा तहसील के येन्सा ग्रामपंचायत अंतर्गत आनेवाले कोंढाला गांव में प्रस्तावित श्री सीमेंट कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों ने आक्रमक रूख अपनाते हुए प्रशासन को पूर्व सूचना के अनुसार 16 फरवरी से ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन आंदोलन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन को रोकने के लिए कंपनी प्रबंधन और पुलिस की ओर से जबरदस्त दबाव लाया गया।

ग्रामीणों के साथ धक्कामुक्की तक की गई जिसके चलते एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। वही दूसरी एक महिला को बिच्छू ने डंस लिया। इसके बावजूद ग्रामीण आंदोलन स्थल पर रातभर से डटे हुए है। ग्रामीणों ने श्री सीमेंट कंपनी के खिलाफ सोमवार 16 फरवरी से आंदोलन की चेतावनी पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन को लिखित रूप से दी थी।

अपनी पूर्व सूचना के साथ ग्रामीण सोमवार को गांव के तुकड़ोजी महाराज हॉल में एकत्रित हुए और वहां से कंपनी स्थित हनुमान मंदिर में श्री हनुमानजी का आशीर्वाद लेकर आंदोलन की शुरूआत के लिए निकले थे। इस बीच कॅनल की सरकारी जगह पर कंपनी के अधिकारी और पुलिस भी आ पहुंची और आंदोलनकारियों को कंपनी के बीच पुराने श्री हनुमान मंदिर जानें से पुलिस ने रोका तथा आंदोलन स्थल की ओर न जानें का दबाव डाला गया।

धक्का-मुक्की की गई

आंदोलनकारियों के साथ कंपनी के लोग तथा पुलिसकर्मियों द्वारा धक्कामुक्की करने का आरोप आंदोलनकारियो ने लगाया है। कंपनी के अधिकारियों द्वारा प्रेमिला देवीदास गौरकार (45) को धक्का दिए जाने से वह जमीन पर गिर पड़ी। बुरी तरह से घबराई महिला को आंदोलन करनेवाले ग्रामीणों ने 108 नंबर पर फोन कर सरकारी एम्बूलैस तलब की और प्रेमिला गौरकर को उपजिला अस्पताल वरोरा में भरती कराया गया। इस बीच प्रेमिला की सुपुत्री जया ने वरोरा पुलिस थाने में कंपनी के संबंधित तीन अधिकारियों पर उसकी माता के साथ किए गए दुर्व्यवहार की शिकायत कर कडी कार्रवाई की मांग की है।

कंपनी को दी गई सहमति रद्द करने की मांग

आंदोलनकारी सोमवार की रात भी आंदोलन स्थल पर डटे रहे। रात में ललिता गोपाल नन्नावरे को बिच्छू ने डंस लिया। उसे भी अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों का आरोप है। येन्सा ग्रामपंचायत ने कंपनी को 50 वर्ष के लिए उद्योग शुरू करने की जो एनओसी अनुमति दी थी उसे 27 जनवरी की विशेष ग्रामसभा में सदस्य,ग्रामस्थ की सर्वसहमति से रद्द कर दिया गया है। इसके पश्चात पंचायत समिति के बीडीओ के कार्यालय में कंपनी और ग्रामीणों की संयुक्त बैठक ली गई जो बेनतीजा रही थी। लेकीन बीडिओ कार्यालय ने पुरानी एनओसी कायम रखने की जानकारी दी हैं। कंपनी का काम भी शुरू रखा गया है इसके खिलाफ अब ग्रामीण आक्रमक हो गए है।

आंदोलनकारियों पर मामला दर्ज

अपनी मांगे लेकर किसान नेता किशोर डुकरे के नेतृत्व में करीब 200 ग्रामीण महिला,पुरुष आंदोलन मे शामिल हुए थे ।पुलिस ने 35 आंदोलनकारियों पर मामले दर्ज किए है। कंपनी परिसर मे आंदोलको के प्रवेश करने के दरम्यान पुलिस के साथ संघर्ष देखा गया। गांव वालो ने पुलिस पर कंपनी के तरफ से काम करने का आरोप लगाया।

किसी जनप्रतिनिधि ने नहीं ली दखल

आंदोलन को 24 घंटे बीतने के बावजूद विधायक या किसी राजनीतिक दल का नेता समस्या जानने आंदोलन स्थल पर नहीं पहुंचे। पुलिस निरीक्षक अजिंक्य तांबडे,डीबी के एपीआय शरद भस्मे, एपीआई मोरे, पीएसआई साखरकर तथा पुलिस कर्मियों ने स्थिति को संभाला। नायब तहसीलदार उल्हास लोखंडे,तलाठी उपरे उपस्थित थे।

बाहर से बुलाए गए मजदूर

कंपनी ने दीवार के काम के लिए मध्यप्रदेश के सिवनी से मजदूर बुलाए हैं। कोंढाला गांव के हर्षल आवारी ने इसपर आपत्ति जताते हुए कहा कि गांव के मजदूर कंपनी को नजर नहीं आ रहे जो कि बाहर के मजदूर बुलाये गये है। इस बीच प्रहार पार्टी के विदर्भ संपर्क प्रमुख प्रवीण हेडवे ने कंपनी को लेकर आक्रमक रुख अपनाने का इशारा देते हुए प्रहार पार्टी ग्रामीणों के साथ होने का आश्वासन दिया।

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