हिंगणी सड़क के डामरीकरण के लिए अनशन, खस्ताहाल सड़क से स्कूली बच्चों और नागरिकों को भारी परेशानी
Hingni Road: दर्यापुर में धामोडी-शिवर से हिंगणी तक की खस्ताहाल सड़क के डामरीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शिवर चौफुली पर आमरण अनशन शुरू किया है, जिससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- Written By: आंचल लोखंडे
road asphaltation demand (सोर्सः सोशल मीडिया)
Daryapur Hunger Strike: दर्यापुर तहसील के धामोडी-शिवर से हिंगणी तक की अत्यंत खस्ताहाल सड़क के तत्काल डामरीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शिवर चौफुली पर मंगलवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन में रोहन डिक्कर, राहुल वाघमारे सहित शिवर और नागमोडी के कई ग्रामस्थ सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराज़गी जाहिर कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग लंबे समय से खड्डों और कच्चे हिस्सों से भरा हुआ है, जिससे रोज़ाना आवाजाही करना बेहद कठिन हो गया है। इसके चलते आम नागरिकों के साथ-साथ स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायतों की लगातार अनदेखी
ग्रामस्थों ने बताया कि दर्यापुर से शिवर, शिवर से धामोडी और शिवर से हिंगणी तक के मार्ग की बदहाली को लेकर उन्होंने कई बार प्रशासन से शिकायतें कीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की अनदेखी के कारण ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
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किसानों और विद्यार्थियों पर असर
खराब सड़क के कारण किसानों को खेती के कामों में भी गंभीर दिक्कतें आ रही हैं। कीचड़ और गड्ढों से भरे रास्तों से खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है, जिससे समय पर कृषि कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इससे फसलों के नुकसान और आय में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। स्कूली बच्चों को रोज़ाना इसी मार्ग से आवागमन करना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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प्रशासन पर सवाल, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि शासन की कई विकास योजनाएं तहसील स्तर पर लागू की जा रही हैं, लेकिन इस महत्वपूर्ण मार्ग को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। आंदोलन को स्थानीय नेताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन मिल रहा है, बावजूद इसके अब तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी अनशन स्थल पर नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क के डामरीकरण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
