चंद्रपुर में दादा ग्रीन ई-मोबिलिटी के EV बस चालकों की हड़ताल, वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सेवा पूरी तरह ठप
Chandrapur News: चंद्रपुर में दादा ग्रीन ई-मोबिलिटी के चालकों ने वेतन वृद्धि और सुविधाओं की मांग को लेकर की अनिश्चितकालीन हड़ताल; चिलचिलाती गर्मी में ईवी बसें बंद होने से यात्री बेहाल।
- Written By: रूपम सिंह
EV बस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chandrapur EV Bus Strike: गुजरात की दादा ग्रीन ई-मोबिलिटी LLP के तहत काम करने वाले चालकों ने कंपनी प्रबंधन की मनमानी और प्रशासन की बेपरवाह भूमिका के खिलाफ़ आवाज़ उठाई है। पिछले डेढ़ साल से लगातार वेतन बढ़ाने और बुनियादी सुविधाओं की मांग करने के बाद, चालकों ने आखिरकार शुक्रवार को हड़ताल शुरू कर दी। इस आंदोनन का सीधा असर चंद्रपुर शहर के आम यात्रियों पर पड़ रहा है। चिलचिलाती गर्मी में एक भी EV बस सड़क पर न आने से यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।
कार्यालय में काम करने वाले, छात्र, ज्येष्ठ नागिरक और ग्रामीण इलाकों से आने वाले यात्रियों को अन्य ट्रांसपोर्ट के लिए ज्यादा खर्च और समय देना पड़ रहा है। नौकरी से निकालने की धमकियां चालकों ने बताया कि हम पिछले डेढ़ साल से ईमानदारी से सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन, आज की महंगाई में हमारा वेतन घर चलाने के लिए काफी नहीं है। हमने डिपो प्रमुख और एचआर प्रबंधक से बार-बार गुहार लगाई है, लेकिन सिर्फ़ खोखले वादे मिले हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया, “उल्टे उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है।”
लिखित रूप में आश्वासन देने का दबाव
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जब तक वेतन बढ़ाने और उनकी मांगों पर साफ फैसला लिखकर नहीं मिलता, तब तक डिपो से एक भी बस नहीं निकाली जाएगी। इस बीच, विरोध के कारण EV बस सेवा पूरी तरह से ठप होने से यात्री परेशान हैं। यात्रियों और नागरिकों की मांग है कि प्रशासन और कंपनी प्रबंधन तुरंत बीच-बचाव करके कोई हल निकालें।
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ये हैं आंदोलनकारियों की प्रबंधन से मांगें
प्रदर्शन कर रहे चालकों की मुख्य मांगों में 26 दिन का वेतन 27,000 रुपये महीने तय करना, हर हफ्ते छुट्टी का पैसा देना, बढ़ती महंगाई के हिसाब से हर साल वेतन बढ़ाना और त्योहारों के मौसम में दिवाली बोनस देना शामिल है। इसके साथ ही, यह भी मांग है कि ड्यूटी के दौरान हादसा होने पर कंपनी कानूनी सुरक्षा और वकील का खर्च उठाए, चालकों के परिवारों को ESIC के तहत मेडिकल सुविधा मिले, और चालकों पर लगाया गया 15,000 रुपये का गलत जुर्माना घटाकर 2,500 रुपये किया जाए।
