

Nagpur Electric Bus Project: नागपुर महानगर पालिका को परिवहन समिति ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के सुधारित अनुमानों और 2026-27 के प्रस्तावित बजट 'ब' को अंतिम रूप दे दिया है। परिवहन समिति की सभापति मंगला खेकरे ने इसे स्थायी समिति के समक्ष पेश किया।
बजट में शहर बस सेवा को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की संकल्पना के आधार पर मनपा को 25 आर्टिकुलेटेड बसों के लिए केंद्र सरकार से निधि प्राप्त होने वाली है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इन विशेष बसों का संचालन मुख्य रूप से शहर के आंतरिक रिंग रोड पर किया जाएगा।
इन बसों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि बस स्टॉप पर ही इनकी तेजी से चार्जिंग की जा सकेगी। एक बस में एक साथ 130 यात्री आसानी से सफर कर सकेंगे।
केंद्र सरकार से इस परियोजना की औपचारिक मंजूरी प्राप्त करने के लिए नवंबर-25 में प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। 200 करोड़ घाटे का अनुमान विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार संपूर्ण परिवहन व्यवस्था को केवल बसों से होने वाली आय के सहारे चलाना संभव नहीं है।
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग का कुल संचालन खर्च 390 करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि इससे होने वाली कुल आय 190 करोड़ रुपये ही रहने की उम्मीद है। इस प्रकार जो 200 करोड़ रुपये का घाटा (नुकसान) होगा, उसकी भरपाई मनपा द्वारा सहायता अनुदान के माध्यम से की जाएगी।
ई-बसें केंद्र सरकार की सहायता से 240 ई-बसें खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें 128 बसें पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं। नए डिपो शहर के मध्यवर्ती इलाकों (मातृशक्ति, हिंगणा, वाड़ी, खापरी) में नए बस डिपो और वर्कशॉप बनाने की योजना। 10 करोड़ रुपये की राशि इस कार्य के लिए आवंटित। टिकट प्रणाली: टिकट दरों का सु यंत्रीकरण, बिना टिकट यात्रा पर सख्ती और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा। बस शेल्टर: सभी बस स्टॉप्स पर CCTV कैमरे, यात्री सुविधाएं, कॉफी शॉप, सुविधा केंद्र आदि विकसित करने की योजना। पर्यावरण संरक्षण: डीजल बसों की संख्या कम कर इलेट्रिक बसों को बढ़ावा। 14539 बसों का फ्लीट लक्ष्य। नागरिक सुविधा बसों में 1320 यात्री क्षमता वाली आधुनिक बसें, रिंग रोड पर बस सेवाएं शुरू करना।
सुधारित कुल आय: 418.40 करोड़ (राजस्व आय 303.83, पूंजीगत आय 103.00, निवेश देय आय 11.26 करोड़ सहित) सुधारित कुल खर्च: 417.90 करोड़ (राजस्व खर्च 289.71। पूंजीगत खर्च 116.92, निवेश देय खर्च 11.26, अग्रिम खर्च 417.90 करोड़) आरंभिक जमा (1-4-2025): 30.58 लाख अंतिम अपेक्षित जमा (31-3-2026): 50.48 लाख