चंद्रपुर का सुपर थर्मल पावर स्टेशन (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chandrapur Super Thermal Power Station Accident: बिजली उत्पादन के मामले में राज्य के अग्रणी चंद्रपुर सुपर थर्मल पावर स्टेशन में शुक्रवार को तड़के बड़ा हादसा हुआ। इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन कोयला आपूर्ति ठप पड़ने से इस बिजलीघर का एक यूनिट ठप हुआ। इस यूनिट के ठप पड़ने से बिजलीघर में उत्पादन प्रभावित हुआ है।
चंद्रपुर का सुपर थर्मल पावर स्टेशन राज्य में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में सबसे बड़ा बिजलीघर माना जाता है। इस बिजलीघर में कुल 7 यूनिट कार्यरत है जिनकी कुल बिजली उत्पादन क्षमता 2,920 मेगावाट है।
शुक्रवार को तड़के 2 बजे के करीब इस बिजलीघर के 3 और 4 क्रमांक के यूनिट को कोयले की आपूर्ति करने वाले सीएचपी का एक बड़ा सपोर्टिव स्टील स्ट्रक्चर बड़े धमाके की आवाज के साथ धड़धड़ाते हुए नीचे गिर गया। इस धमाकेदार आवाज से सीएचपी यूनिट में कार्यरत कामगारों में अपनी जान बचाने के लिये भागदौड़ शुरू हुई।
कामगारों के तत्काल फैसले से इस दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। किंतु यह स्ट्रक्चर नीचे गिरने से बिजलीघर के यूनिट क्रमांक 3 और 4 को की जाने वाली कोयला आपूर्ति पूर्णतः ठप हो गयी है। कोयला आपूर्ति ठप होने से बिजलीघर के उक्त दोनों यूनिट ठप हुए है, जिससे बिजलीघर का उत्पादन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। ठप पड़े दोनों यूनिट्स की उत्पादन क्षमता क्रमशः 210 मेगावाट की है।
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इस दुर्घटना के बाद से सीटीपीएस में हड़कंप मच गया है, शुक्रवार को दिनभर सीटीपीएस के वरिष्ठ अधिकारियों में इस दुर्घटना को लेकर बैठकों का दौर जारी रहा। यह दुर्घटना आखिर कैसे हुई, दुर्घटना के पीछे कहीं कोई मानवीय भूल है, या रखरखाव में कोई लापरवाही हुई है, इसकी समीक्षा बैठकों में की जा रही थी।
इस बीच सीटीपीएस के प्रशासन ने इस दुर्घटना की पुष्टि की है। सीटीपीएस के अधिकारियों ने बताया कि रात 2 बजे तकनीकी गड़बड़ियों के कारण बिजलीघर के 3 और 4 क्रमांक के यूनिटों के सीएचपी सेंटर का गैन्ट्री नीचे गिर गया। जिससे कोयला आपूर्ति ठप हुई है। यह कोयला आपूर्ति ठप होने से बिजलीघर का यूनिट क्रमांक 3 का उत्पादन रोकना पड़ा है।