

Mumbai Gas Shortage Viral Video Today: मुंबई में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच दावों की जंग छिड़ी हुई है। एक ओर प्रशासन का कहना है कि गैस की आपूर्ति सुचारू है, तो दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सोशल मीडिया पर मुंबई के कांदिवली (पूर्व) से सामने आए एक हालिया वीडियो ने सरकार के तमाम दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। यह वीडियो 'दरोगा भाई अमन' नामक यूजर द्वारा एक्स (X) पर साझा किया गया है, जिसमें रसोई गैस के लिए लगी सैकड़ों मीटर लंबी कतार को देखकर किसी का भी दिमाग चकरा सकता है।
यह वीडियो शुक्रवार, 13 मार्च 2026 की दोपहर 1:35 बजे का है। वीडियो में बाकायदा जीपीएस लोकेशन (अशोकनगर, दामोदरवाड़ी) ऑन है, जो इसकी सत्यता की पुष्टि करती है। वीडियो के दृश्यों में सैकड़ों लोग कड़ी धूप में अपने खाली सिलेंडर लेकर सड़क पर खड़े नजर आ रहे हैं। इस लंबी कतार में न केवल युवा, बल्कि महिलाएं, बुजुर्ग और मासूम बच्चे भी शामिल हैं। यह विचलित करने वाला वीडियो उस समय सामने आया है जब मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारत में ईंधन आपूर्ति को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।
कांदिवली पूर्व के अशोकनगर इलाके में लगी यह कतार किसी उत्सव की नहीं, बल्कि बुनियादी जरूरत के लिए किए जा रहे संघर्ष की है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग घंटों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद डिलीवरी नहीं हो रही है, जिसके कारण उन्हें खुद एजेंसी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। 13 मार्च की तपती दोपहर में बुजुर्गों का इस तरह कतार में खड़ा होना शहर की चरमराती वितरण प्रणाली की पोल खोल रहा है।
महाराष्ट्र सरकार और गैस एजेंसियां लगातार प्रेस विज्ञप्ति जारी कर रही हैं कि स्टॉक की कोई कमी नहीं है। हालांकि, कांदिवली का यह वीडियो विपक्ष के उन आरोपों को बल दे रहा है जिनमें कहा गया है कि आम जनता को सिलेंडर के लिए 25-25 दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग प्रशासन की विफलता का सबूत बता रहे हैं। नागरिकों का सवाल है कि यदि आपूर्ति भरपूर है, तो दोपहर के 1:30 बजे सड़कों पर यह 'सिलेंडर मार्च' क्यों लगा है?
भारत अपनी एलपीजी खपत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष ने समुद्री व्यापार मार्ग (होर्मुज जलडमरूमध्य) को प्रभावित किया है। इसी का असर अब मुंबई की गलियों तक पहुंच गया है। रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाने के सरकारी निर्देशों के बावजूद, वितरण केंद्रों तक सिलेंडर पहुंचने में हो रही देरी ने पैनिक (Panic) की स्थिति पैदा कर दी है। कांदिवली का यह वीडियो केवल एक इलाके की कहानी नहीं, बल्कि मौजूदा समय में मुंबईकर की रोजमर्रा की जद्दोजहद का प्रतीक बन गया है।