
चंद्रपुर न्यूज
Chandrapur News: चंद्रपुर जिले में किसानों को अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए एक बार फिर सरकारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। गारंटीड दरों पर धान की खरीद के लिए बनाया गया सरकारी पोर्टल पिछले तीन दिनों से तकनीकी खराबी के कारण पूरी तरह ठप पड़ा है।
इसके चलते नए किसानों का पंजीयन और बेचे गए धान की बिलिंग प्रक्रिया रुक गई है। बिलिंग न होने के कारण किसानों का भुगतान भी अटक गया है, जिससे जिले के कृषि क्षेत्र में निराशा और रोष का माहौल व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकारी एजेंसियों द्वारा संचालित यह पोर्टल 31 दिसंबर 2025 से बंद हो गया है। इससे पहले 30 दिसंबर तक प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही थी। वर्तमान में नागभीड़, ब्रह्मपुरी, सिंदेवाही, चिमूर, गोंडपिपरी, पोंभुर्णा और मूल जैसे प्रमुख धान उत्पादक तालुकों में खरीदी केंद्र तो खुले हैं, लेकिन पोर्टल के बिना वे केवल कागजी बनकर रह गए हैं। किसानों को पंजीयन और बिलिंग के लिए बार-बार केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
चंद्रपुर का किसान पहले से ही प्राकृतिक आपदाओं और कीटों के प्रकोप से जूझ रहा है। फसल का उत्पादन अनुमान से काफी कम हुआ है और अब जो फसल बाजार में आई है, उसकी लागत निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
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ऐसे संवेदनशील समय में तकनीकी विफलता के कारण धान की बिक्री रुकना किसानों की कमर तोड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि उचित दाम दिलाने के लिए बनाए गए गारंटीड मूल्य केंद्रों पर व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं, जिससे उनका शोषण बढ़ सकता है।
इस गंभीर समस्या के संबंध में जिला मार्केटिंग अधिकारी वी.एस. तिवाडे ने बताया कि वर्तमान में केंद्रीय सर्वर या तकनीकी कारणों से सरकारी पोर्टल बंद है। इसी वजह से पंजीयन और बिलिंग का कार्य प्रभावित हुआ है।
हालांकि, उन्होंने किसानों को आश्वस्त करते हुए दावा किया कि तकनीकी टीम इस पर काम कर रही है और पोर्टल को बहुत जल्द पुनः सक्रिय कर दिया जाएगा। जैसे ही पोर्टल शुरू होगा, प्राथमिकता के आधार पर लंबित बिलिंग और पंजीयन की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा ताकि किसानों को उनका लंबित भुगतान प्राप्त हो सके।






