नगर परिषद खर्चे का ब्यौरा न देने वाले प्रत्याशियों पर ‘RO’ की नजर! 21 जनवरी को समाप्त हुई समयसीमा
RO Action Notice: चंद्रपुर जिले में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव के बाद खर्च का ब्यौरा जमा न करने वाले प्रत्याशियों पर RO की नजर है और जल्द ही नोटिस व कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- Written By: आंचल लोखंडे
RO Action Notice (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chandrapur Municipal Elections: चंद्रपुर जिले में 10 नगर परिषदों और नगर पंचायत के चुनावों के नतीजे 21 दिसंबर 2025 को घोषित किए गए थे। इसके बाद चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को अपने चुनावी खर्च का ब्यौरा जमा करने के लिए 30 दिनों की समयसीमा दी गई थी, जो 21 जनवरी 2026 को समाप्त हो गई।
हालांकि, अब भी कुछ उम्मीदवारों ने अपने चुनाव खर्च का विवरण संबंधित अधिकारी को जमा नहीं किया है। ऐसे प्रत्याशियों पर अब रिटर्निंग ऑफिसर (RO) की कड़ी नजर है और उन्हें शीघ्र ही नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
अब कार्रवाई पर फोकस
नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को परिणाम घोषित होने के एक माह के भीतर अपना चुनावी खर्च संबंधित चुनाव अधिकारी के समक्ष जमा करना अनिवार्य होता है। जिले में नगराध्यक्ष पद के लिए 71 उम्मीदवार, जबकि नगरसेवक पद के लिए 1,275 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे।
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इन सभी के लिए खर्च जमा करने की अंतिम तारीख 21 जनवरी निर्धारित थी। बताया जा रहा है कि अधिकांश विजयी उम्मीदवारों ने समय रहते अपने खर्चों का ब्यौरा जमा कर दिया है, जबकि कई पराजित उम्मीदवारों द्वारा अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है।
…ऐसे हो सकती है कार्रवाई
जिन उम्मीदवारों ने निर्धारित समयसीमा में अपने चुनावी खर्च का ब्यौरा जमा नहीं किया है, उन्हें RO की ओर से पहले स्मरण पत्र भेजा जाएगा और अतिरिक्त समय दिया जाएगा। यदि इसके बाद भी खर्च का विवरण जमा नहीं किया गया, तो चेतावनी पत्र जारी किया जाएगा। इसके बावजूद भी लापरवाही बरतने पर संबंधित मामलों का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, अधिकतर देरी पराजित प्रत्याशियों द्वारा की जा रही है। इसी वजह से अब सभी ऐसे उम्मीदवारों को RO के माध्यम से औपचारिक स्मरण पत्र भेजने की तैयारी की जा रही है।
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एक्शन होना तय
चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक प्रत्याशी को अपने चुनावी खर्च का पूरा विवरण और संबंधित रसीदें अधिकृत अधिकारी के पास जमा करना अनिवार्य है। यदि बार-बार स्मरण के बाद भी खर्च जमा नहीं किया गया, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिले में चुनाव दो चरणों (2 दिसंबर और 20 दिसंबर) को संपन्न हुए थे, जबकि 21 दिसंबर को परिणाम घोषित किए गए थे। बावजूद इसके, खर्च जमा करने की अंतिम तिथि सभी उम्मीदवारों के लिए एक ही निर्धारित की गई थी।
