TET परीक्षा परिणाम घोषित, छात्रों ने उठाए गंभीर सवाल, अंतिम उत्तर कुंजी और नतीजों में बड़े अंतर का आरोप

Maharashtra TET Exam: महाराष्ट्र TET परीक्षा परिणाम घोषित होते ही अंतिम उत्तर कुंजी और अंकों में भारी अंतर को लेकर छात्रों ने गंभीर सवाल उठाए हैं, आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 21 जनवरी है।
TET final answer key
Maharashtra TET Exam:महाराष्ट्र TET परीक्षा परिणाम घोषित (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nashik News: महाराष्ट्र राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का परिणाम घोषित कर दिया गया है, लेकिन इसके साथ ही विवाद भी गहरा गया है। परीक्षार्थियों ने महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद पर आरोप लगाया है कि जारी की गई अंतिम उत्तर कुंजी और घोषित अंकों में भारी विसंगतियां हैं।

23 नवंबर को राज्यभर में आयोजित इस परीक्षा को लेकर छात्रों का कहना है कि परिणामों में परिषद की लापरवाही साफ नजर आ रही है। छात्रों के अनुसार, 82 अंक प्राप्त करने वाले कई उम्मीदवारों को ‘अपात्र’ घोषित कर दिया गया है। परीक्षार्थियों ने सवाल उठाया है कि जब पहले 82 अंकों पर पात्रता दी जाती थी, तो इस बार 83 अंकों का नया मानदंड क्यों लागू किया गया? इसके अलावा, अंतिम उत्तर कुंजी में कुछ प्रश्नों के विकल्प गलत बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ प्रश्न संदिग्ध बताए जा रहे हैं, जिससे परिणाम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

परिणाम की सांख्यिकीय स्थिति

पेपर 1 (कक्षा 1 से 5):

कुल परीक्षार्थी - 1,52,605

उत्तीर्ण - 4,709 (3.08%)

पेपर 2 (कक्षा 6 से 8 - गणित/विज्ञान):

कुल परीक्षार्थी - 75,599

उत्तीर्ण - 21,414 (28.33%)

पेपर 2 (कक्षा 6 से 8 - सामाजिक शास्त्र):

कुल परीक्षार्थी - 1,25,748

उत्तीर्ण - 4,045 (3.22%)

250 छात्रों के भविष्य पर संकट

परीक्षा के दिन नाशिक के सीडीओ मेरी केंद्र पर सुबह के सत्र में गंभीर चूक सामने आई थी। यहां अंग्रेजी माध्यम के छात्रों को मराठी माध्यम का प्रश्नपत्र दे दिया गया। छात्रों के विरोध के बावजूद उन्हें वही पेपर हल करने के लिए मजबूर किया गया। इस लापरवाही के चलते लगभग 250 छात्र अनुत्तीर्ण हो गए हैं।

पारदर्शिता पर उठे सवाल

परीक्षा परिषद ने गुण सत्यापन और आपत्तियां दर्ज करने के लिए 21 जनवरी शाम 6 बजे तक की समयसीमा तय की है। हालांकि, छात्रों का कहना है कि परिणाम शुक्रवार को घोषित हुए और इसके बाद शनिवार-रविवार की छुट्टियां रहीं, ऐसे में इतनी कम अवधि में हजारों आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कैसे संभव होगी, यह बड़ा सवाल है।

21 जनवरी तक आपत्ति दर्ज करने की मोहलत

परीक्षार्थी निलेश भागडे ने कहा कि“मुझे अंग्रेजी माध्यम के बजाय मराठी माध्यम का प्रश्नपत्र दिया गया। परिषद यह स्पष्ट करे कि मेरी उत्तरपुस्तिका किस माध्यम की उत्तर कुंजी से जांची गई है। इसी अव्यवस्था के कारण अंकों में अंतर आया है। प्रशासन को हमें उत्तीर्ण घोषित करना चाहिए।”

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