चंद्रपुर स्थायी समिति चुनाव (फाइल फोटो)
Chandrapur Municipal Corporation News: लंबे समय से चर्चा में रहे चंद्रपुर शहर मनपा के स्थायी समिति चुनाव अंतत: सोमवार 16 मार्च को होने जा रहे है। कुल 16 सदस्यों वाली इस कमेटी में सत्ताधारी दल व विपक्ष के पास समान संख्याबल होने से चुनाव होंगे या उपमहापौर के चुनाव की तरह ही लकी ड्रॉ से किस्मत का पिटारा खुलेगा? इस ओर सभी की निगाहे है।
कांग्रेस आघाडी ने जिस वसंत देशमुख का नाम इस स्थायी समिति सभापति के लिए दिया है उनका अंदरुनी विरोध होने की चर्चा है। यह विरोध कायम रहा तो चुनाव में भाजपा गठबंधन की उम्मीदवार का इस पद पर चयन हो जाएगा,ऐसी संभावना राजनीतिक जानकार जता रहे है। ऐसे में कांग्रेस आघाडी में शामिल दूसरे देशमुख क्या भूमिका लेते है, इस ओर सभी की निगाहें टिकी है।
इस बीच सोमवार को सभा के प्रारंभ में नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। जिन उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए जाएंगे उन्हें अपना नॉमिनेशन वापस लेने के लिए 15 मिनट का समय दिया जाएगा। चुनाव मैदान में अगर एक से ज़्यादा प्रत्याशी रहे तो मतदान प्रक्रिया होगी। और उसके बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे।
मनपा चुनाव प्रशासन ने बताया है कि मनपा के सभी स्टैंडिंग कमेटी सदस्य ही इस विशेष सभा में मौजूद रहेंगे और चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे। स्थानीय मनपा में हो रहे स्टैंडिंग कमेटी सभापति चुनाव में शिवसेना (ठाकरे) और कांग्रेस पुनः आमने सामने आ चुके है। शुक्रवार को उबाठा की ओर से मनस्वी गिरहे और कांग्रेस की ओर से वसंता देशमुख ने नामांकन दाखिल किया है।
उबाठा और कांग्रेस प्रत्याशियों द्वारा एक दूसरे के खिलाफ नामांकन दाखिल करने की चर्चा यहां सुर्खियों में रही थी। उल्लेखनीय है कि,उबाठा की मनस्वी ने भाजपा तथा शिवसेना (शिंदे) गुट की ओर से अपना नामांकन दाखिल किया था। यह तीनों दलों ने मिलकर मनपा में महापौर पद का चुनाव जीतते हुए सत्ता काबिज की है।
गौरतलब है कि, स्थानीय मनपा में बहुमत हासिल किए बिना किसी तरह महापौर, उपमहापौर पदों पर कब्जा जमाने वाली भाजपा, शिवसेना (शिंदे) और उबाठा गठबंधन को अब आज होने जा रहे मनपा के स्टैंडिंग कमेटी सभापति के चुनाव में एक बार फिर अग्निपरीक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
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मनपा में किसी भी राजनीतिक दलों के पास पूर्ण बहुमत नहीं होने से तथा स्टैंडिंग कमेटी के लिए दोनों दलों के पास मनोनीत सदस्यों की संख्या एकसमान होने से मनपा में स्टैंडिंग कमेटी पर कब्जा जमाने अब मनपा में सत्तासीन भाजपा गठबंधन के घटक दल उबाठा और कांग्रेस गठबंधन के बीच रस्साकशी होना तय है।
बावजूद कांग्रेस में अंतर्गत नाराजगी बनी होने का फायदा भाजपा गठबंधन को मिल पाता है या नहीं? यह देखना दिलचस्प हो गया है। क्योंकि समान संख्याबल के कारण लकी ड्रा से अध्यक्ष तय होता है या किसी भीतरघात से चुनाव होते है? यही अहम विषय रहेगा।