एकबार फिर टूटी ठाकरे की सेना, ऑपरेशन टाइगर, मां-बाप की कसम और रात एक बजे का खेला
Shiv Sena UBT MP Rebellion Eknath Shinde: महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा भूचाल; उद्धव ठाकरे के 6 लोकसभा सांसद बगावत कर शिंदे गुट में शामिल होने को तैयार। आधी रात को हुआ खेला।
- Written By: अनिल सिंह
उद्धव ठाकरे, एकनाथ शिंदे और संजय राउत (फोटो क्रेडिट-X)
Shiv Sena UBT Operation Tiger Inside Story: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर वैसा ही बड़ा भूचाल आ गया है, जिसने साल 2022 के तख्तापलट की यादें ताजा कर दी हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के 6 लोकसभा सांसदों द्वारा सामूहिक बगावत करने की बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में ‘ऑपरेशन टाइगर’ के नाम से चल रहे इस गुप्त मिशन के तहत ठाकरे गुट के ये सभी 6 सांसद विशेष चार्टर्ड विमान से दिल्ली पहुंच चुके हैं।
इस पूरे सियासी ड्रामे के बीच, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने देर रात 1 बजे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके आवास पर मुलाकात की है, जिससे उद्धव ठाकरे के खेमे वाली शिवसेना में हड़कंप मच गया है।
दिल्ली के फाइव स्टार होटल में ठहरे हैं सांसद
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बगावत की तैयारी कर रहे इन सांसदों में उत्तर पूर्वी मुंबई के सांसद संजय दीना पाटिल समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं, जो कल दोपहर ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। इन सभी सांसदों को दिल्ली के एक बेहद सुरक्षित पांच सितारा होटल में ठहराया गया है। देर रात लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात के बाद एकनाथ शिंदे सीधे राजस्थान के लिए रवाना हो गए, जहां वे इन बागी सांसदों के साथ एक बार फिर गुप्त बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि ये सांसद आज ही लोकसभा अध्यक्ष को अलग गुट बनाने के संबंध में एक आधिकारिक पत्र सौंप सकते हैं और आगामी 19 तारीख को औपचारिक रूप से शिवसेना (शिंदे गुट) की सदस्यता ग्रहण कर लेंगे।
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काम न होना और फंड की कमी बनी वजह
ठाकरे सेना के इन सांसदों के अचानक पार्टी छोड़ने के पीछे कई अंदरूनी कारण सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्य न होना, केंद्र और राज्य सरकार से फंड न मिलना और पार्टी नेतृत्व (मातोश्री) से मनचाहा सांगठनात्मक समर्थन न मिलना बगावत की मुख्य वजह है। इन असंतुष्टों में परभणी के कद्दावर सांसद संजय उर्फ बंदू जाधव का नाम सबसे आगे चल रहा है। बंदू जाधव लंबे समय से शिवसेना यूबीटी के वफादार रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वे नेतृत्व से गंभीर रूप से नाराज चल रहे थे। हाल ही में मातोश्री में हुई सांसदों की अहम बैठक से भी उन्होंने शारीरिक रूप से दूरी बना ली थी और केवल ऑनलाइन माध्यम से जुड़े थे।
शिंदे गुट के संपर्क में चल रहे 6 यूबीटी सांसद
- संजय बंदू जाधव (सांसद, परभणी)
- संजय देशमुख
- नागेश पाटिल अष्टिकर
- ओमराजे निम्बालकर
- भाऊसाहेब वकचौरे
- संजय दीना पाटिल (सांसद, उत्तर पूर्वी मुंबई)
संजय राउत के दावे धरे के धरे रहे
इस बड़ी बगावत ऑपरेशन टाइगर के सामने आने से ठीक एक दिन पहले शिवसेना यूबीटी के मुख्य प्रवक्ता और सांसद संजय राउत ने मीडिया के सामने बड़े-बड़े दावे किए थे। राउत ने भावुक होते हुए अपनी मां भवानी, अपने बच्चों और माता-पिता की कसम खाकर कहा था कि “हमारे सांसद पूरी तरह वफादार हैं और वे कहीं नहीं जाएंगे।” हालांकि, 24 घंटे के भीतर ही राउत के सारे दावे पूरी तरह खोखले साबित होते दिख रहे हैं।
