बागी सांसदों के खिलाफ एक्शन में शिवसेना UBT? उद्धव ने लोकसभा स्पीकर को लिखा लेटर, पार्टी ने जारी किया व्हिप
Shiv Sena UBT Whip Rebel MP Lok Sabha Speaker: उद्धव ठाकरे ने बागी सांसदों के खिलाफ उठाया बड़ा कदम, जारी किया व्हिप। लोकसभा स्पीकर को पत्र लिख जताई आपत्ति।
- Written By: अनिल सिंह
ओम बिरला और उद्धव ठाकरे (फोटो क्रेडिट-X)
Shiv Sena UBT Action On Rebel MP: महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 9 में से 6 सांसदों द्वारा पाला बदलने की अटकलों के बीच, उद्धव ठाकरे ने बगावत को कुचलने के लिए बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे बागी सांसदों की आज लोकसभा अध्यक्ष के साथ होने वाली संभावित बैठक से ठीक पहले, उद्धव ठाकरे खेमे ने दिल्ली से लेकर मुंबई तक अपनी कानूनी और राजनीतिक घेराबंदी तेज कर दी है।
पार्टी ने बगावती राह पर चल रहे इन सांसदों को रोकने और उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए दो बड़े कदम उठाए हैं। पार्टी की तरफ दे दिल्ली में बागी सांसदों की एक आपात बैठक के लिए व्हिप जारी किया गया है। यूबीटी की तरफ से लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर बागी सांसदों के अलग समूह को मान्यता ना देने की गुजारिश की गई है।
A meeting of all the Lok Sabha members of Shiv Sena (UBT) will be held on June 18, 2026, at 11 00 AM, at the Parliamentary Party Office in Delhi. pic.twitter.com/KhrWjTiLBK — ANI (@ANI) June 17, 2026
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लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र, अलग गुट को मान्यता न देने की मांग
पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के सीधे निर्देश पर शिवसेना यूबीटी के वरिष्ठ सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक आधिकारिक और कड़ा पत्र सौंपा है। इस पत्र के जरिए पार्टी ने कुछ सांसदों को संसद में एक अलग समूह के रूप में मान्यता दिए जाने अथवा उनके किसी अन्य राजनीतिक दल (विशेषकर शिंदे गुट) में विलय की किसी भी संभावना पर गंभीर कानूनी आपत्ति जताई है। अरविंद सावंत ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि मूल पार्टी की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का विभाजन या विलय दलबदल विरोधी कानून के तहत अवैध है, इसलिए लोकसभा अध्यक्ष को ऐसे किसी भी दावे को स्वीकार नहीं करना चाहिए।
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दिल्ली की आपात बैठक के लिए ‘व्हिप’ जारी
बागी सांसदों को कानूनी रूप से घेरने के लिए शिवसेना यूबीटी ने अपने सभी लोकसभा सदस्यों को नई दिल्ली में आयोजित एक अत्यंत महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक में शामिल होने के लिए आधिकारिक ‘व्हिप’ जारी कर दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का एजेंडा ‘महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों’ पर चर्चा करना बताया गया है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य बागी सांसदों की उपस्थिति को दर्ज करना है। इस व्हिप का उल्लंघन करने वाले या बैठक से नदारद रहने वाले सांसदों के खिलाफ पार्टी तुरंत संसद सदस्यता रद्द करने के लिए दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता (Disqualification) की कार्यवाही शुरू करेगी।
2022 का इतिहास दोहराने की तैयारी
शिवसेना यूबीटी का यह कदम ठीक उसी रणनीति की याद दिलाता है जो साल 2022 में अपनाई गई थी, जब मौजूदा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत की थी। उस समय भी पार्टी ने इसी तरह का ‘व्हिप’ जारी कर विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही शुरू की थी। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डेरा डाले हुए ‘छह से सात’ सांसदों को यह स्पष्ट संदेश दे दिया गया है कि यदि वे लक्ष्मण रेखा पार करते हैं, तो उन्हें न केवल अपनी सांसदी गंवानी पड़ सकती है, बल्कि लंबी कानूनी लड़ाई का भी सामना करना पड़ेगा।
