Congress Victory Chandrapur:चंद्रपुर नगर निगम चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chandrapur Municipal Corporation Election Results: चंद्रपुर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने सहयोगी दलों के समर्थन से स्पष्ट बहुमत हासिल करते हुए भाजपा से सत्ता छीन ली है। मजबूत संगठन, स्थानीय समीकरणों की सटीक समझ और गठबंधन में बेहतर तालमेल के चलते कांग्रेस को निर्णायक बढ़त मिली, जबकि सत्ताधारी भाजपा को व्यापक प्रचार के बावजूद हार का सामना करना पड़ा।
66 सीटों वाली चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस को 30 सीटों पर जीत मिली है। कांग्रेस की सहयोगी जन विकास सेना को 3 सीटें प्राप्त हुईं, जिससे कांग्रेस गठबंधन की संख्या और मजबूत हो गई। भाजपा को 23 सीटों से संतोष करना पड़ा। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) ने पहली बार चंद्रपुर में दमदार उपस्थिति दर्ज कराते हुए 6 सीटों पर जीत हासिल की। अन्य दलों में AIMIM को 1, बसपा को 1, वंचित बहुजन आघाड़ी को 2, शिवसेना (शिंदे गुट) को 1 और 2 निर्दलीय उम्मीदवारों को सफलता मिली।
चंद्रपुर नगर निगम की सभी 66 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं और शहर की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कांग्रेस ने यह चुनाव अकेले लड़ा था, लेकिन जन विकास सेना के नेता पप्पू देशमुख के साथ चुनावी तालमेल किया था। इस तालमेल के तहत जन विकास सेना के तीन उम्मीदवार विजयी हुए, जिससे कांग्रेस गठबंधन को स्पष्ट बहुमत हासिल करने में मदद मिली। यह परिणाम भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पिछले कार्यकाल में सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा इस बार अपनी स्थिति बरकरार नहीं रख सकी।
इस चुनाव में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) और वंचित बहुजन आघाड़ी के बीच गठबंधन था। हालांकि, इस गठबंधन में ठाकरे गुट का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। पहली बार चंद्रपुर नगर निगम में उतरते हुए ठाकरे गुट ने 6 सीटें जीतकर अपनी मजबूत राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराई। ये छह नगरसेवक सत्ता गठन में अहम भूमिका निभा सकते हैं। वहीं वंचित बहुजन आघाड़ी को इस गठबंधन में केवल दो सीटों से संतोष करना पड़ा।
चुनाव में विजयी हुए दोनों निर्दलीय उम्मीदवार पहले कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और कांग्रेस गठबंधन को समर्थन देने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कांग्रेस का संख्याबल और मजबूत हो गया है। AIMIM ने चंद्रपुर में पहली बार अपना खाता खोलते हुए एक सीट जीती है। बसपा ने भी एक सीट पर जीत दर्ज की, जबकि आम आदमी पार्टी इस बार अपना खाता खोलने में नाकाम रही।
चुनाव का एक बड़ा उलटफेर भाजपा की पूर्व महापौर राखी संजय कंचरलावर की हार रही। वे पिछली भाजपा सरकार में महापौर थीं। दिलचस्प बात यह रही कि पति-पत्नी दोनों चुनाव मैदान में थे, लेकिन जहां राखी कंचरलावर को हार का सामना करना पड़ा, वहीं उनके पति संजय कंचरलावर जीत दर्ज करने में सफल रहे।
हालांकि कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला, लेकिन पार्टी को कुछ अप्रत्याशित झटके भी लगे। सांसद प्रतिभा धनोरकर के करीबी माने जाने वाले मेट्रोपॉलिटन अध्यक्ष संतोष लहामागे और पूर्व मेट्रोपॉलिटन अध्यक्ष रामू तिवारी चुनाव हार गए। इसके बावजूद समग्र परिणाम कांग्रेस के पक्ष में मजबूत रहे।
इस चुनाव में सांसद प्रतिभा धनोरकर, विधायक विजय वडेट्टीवार और कांग्रेस संगठन ने बूथ स्तर की योजना, स्थानीय मुद्दों और बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया। इसी संगठनात्मक मजबूती का कांग्रेस को सीधा लाभ मिला।
इसके विपरीत, भाजपा के प्रचार अभियान में शुरुआत से ही गुटबाज़ी दिखाई दी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने प्रचार किया, वहीं किशोर जोरगेवार और सुधीर मुनगंटीवार भी मैदान में उतरे, लेकिन अपेक्षित राजनीतिक प्रभाव नहीं दिखा सके।
ये भी पढ़े: ‘उद्धवजी आणि पेंग्विन ला…’, चेहरे पर हंसी और 22 सेकंड का Video, नितेश राणे ने ठाकरे का ऐसे उड़ाया मजाक
जीत के बाद विधायक विजय वडेट्टीवार चंद्रपुर पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ जश्न मनाया। उन्होंने कहा, “चंद्रपुर की जनता ने भाजपा की नाकाम नीतियों को करारा जवाब दिया है।”