चंद्रपुर मेयर चुनाव में हो गया खेला! BJP ने ठाकरे से मिलाया हाथ, कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी फिर भी सत्ता से दूर

Chandrapur Mayor Election 2026: चंद्रपुर महानगरपालिका में सत्ता संघर्ष का नाटकीय अंत हुआ। बीजेपी ने उद्धव ठाकरे गुट के साथ अप्रत्याशित गठबंधन कर महज एक वोट से मेयर पद जीत लिया।
Chandrapur Mayor Election 2026 BJP Sangeeta Khandekar
चंद्रपुर की नवनिर्वाचित मेयर संगीता खांडेकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sangeeta Khandekar Chandrapur Mayor: चंद्रपुर महानगरपालिका के सत्ता संघर्ष का मंगलवार को बेहद नाटकीय अंत हुआ। पिछले कई दिनों से त्रिशंकु अवस्था में फंसी इस महानगरपालिका में भारतीय जनता पार्टी ने आखिरी समय में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को साथ लेकर एक बड़ा राजनीतिक 'चमत्कार' कर दिखाया है। इस चुनाव में बीजेपी की संगीता खांडेकर ने महज एक वोट के मामूली अंतर से जीत दर्ज कर महापौर की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया है। इस अप्रत्याशित गठबंधन और नतीजे ने कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है।

बीजेपी की संगीता खांडेकर बनी मेयर

मेयर पद के लिए हुए इस चुनाव में बीजेपी की संगीता खांडेकर को कुल 32 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार को 31 वोटों से संतोष करना पड़ा। चुनाव के दौरान वंचित बहुजन अघाड़ी के दो नगरसेवक अनुपस्थित रहे, जिसके कारण बहुमत का आंकड़ा 33 पर पहुंच गया था। इस कांटे की टक्कर में AIMIM ने तटस्थ रहने का फैसला किया, जो नतीजों के लिए निर्णायक साबित हुआ। महज एक वोट से मिली इस जीत के बाद बीजेपी खेमे में जबरदस्त जश्न का माहौल है।

ठाकरे गुट की भूमिका रही निर्णायक

चंद्रपुर की सत्ता पर काबिज होने में उद्धव ठाकरे गुट की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। बीजेपी और ठाकरे गुट के बीच सत्ता के बंटवारे का एक खास फॉर्मूला तय किया गया है। इस समझौते के तहत बीजेपी की संगीता खांडेकर मेयर बनी हैं, जबकि ठाकरे गुट के प्रशांत दानव उपमहापौर का पद संभालेंगे। इसके अलावा, यह तय हुआ है कि मेयर का पद सवा-सवा साल के लिए दो कार्यकालों में बांटा जाएगा। समझौते के अनुसार, पहले सवा साल के लिए स्थायी समिति के अध्यक्ष का पद भी ठाकरे गुट को दिया जाएगा।

संजय राउत का दावा हुआ फेल

इस चुनाव से पहले चर्चा थी कि कांग्रेस और ठाकरे गुट मिलकर बीजेपी को सत्ता से बाहर रखेंगे। मंगलवार सुबह खुद सांसद संजय राउत ने उद्धव ठाकरे की भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा था कि किसी भी स्थिति में बीजेपी को चंद्रपुर की सत्ता नहीं मिलने देंगे। हालांकि, कुछ ही घंटों में समीकरण बदल गए।

सत्र के दौरान कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और ठाकरे गुट के जिलाध्यक्ष संदीप गिऱ्हे के बीच एक बैठक हुई थी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच मतभेद इतने बढ़ गए कि संदीप गिऱ्हे गुस्से में बाहर निकल आए। इसके तुरंत बाद बीजेपी नेता किशोर जोरगेवार ने ठाकरे गुट द्वारा बीजेपी को समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा कर दी, जिससे पूरे राज्य की राजनीति में खलबली मच गई।

सबसे बड़ी पार्टी होकर भी कांग्रेस सत्ता से दूर

बता दें कि चंद्रपुर महानगरपालिका में कुल 66 सीटें हैं। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी के पास अपने 23 और शिंदे गुट का 1 नगरसेवक मिलाकर कुल 24 का बल था। लेकिन ठाकरे गुट के 6 नगरसेवकों और 2 निर्दलीयों के समर्थन के बाद बीजेपी का आंकड़ा 32 तक पहुंच गया। वहीं, इस चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी थी, उसके 27 नगरसेवक जीतकर आए थे। बावजूद इसके कांग्रेस सत्ता पर काबिज नहीं हो पाई। कांग्रेस के पास अपने 27 और 3 जनविकास सेना के नगरसेवकों को मिलाकर कुल 30 का संख्या बल था। निर्दलीय और अन्य समीकरणों के बाद कांग्रेस 31 पर ही अटक गई और सत्ता की दौड़ से बाहर हो गई।

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