होम लोन लेते वक्त सबसे बड़ी गलती-ईएमआई कितनी हो? जानिए सही फॉर्मूला

Nashik Home Loan EMI: होम लोन की ईएमआई तय करते वक्त सैलरी का सही प्रतिशत न जानना भविष्य में बजट बिगाड़ सकता है। सही प्लानिंग से आप घर का सपना बिना दबाव पूरा कर सकते हैं।
The biggest mistake when taking a home loan: What should be the EMI? Learn the correct formula
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Salary Percentage: नासिक हर कोई अपना घर खरीदने का सपना देखता है। घरों की बढ़ती पॉपुलैरिटी की वजह से आज के समय में होम लोन लेना जरूरी हो गया है। हालांकि, लोन की किस्त तय करते समय अक्सर एक बड़ी गलती हो जाती है।

इसका असर आगे चलकर परिवार के बजट पर पड़ता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आपकी ईएमआई आपकी सैलरी का कितना परसेंट होनी चाहिए, क्योंकि जब आप किस्त चुकाते हैं, तो आपकी सैलरी या कुल इनकम का एक बड़ा हिस्सा डूब जाता है।

जेब पर भी ध्यान देना बेहद जरूरी

घर खरीदने की तैयारी करते समय आपको यह फाइनेंशियल मैद्र तैयार कर लेना चाहिए कि आपकी सैलरी कितनी है और आप किस्तों में कितने, हजार चुका सकते है। घर खरीदते समय यह सोचना जरूरी है कि आपकी जेब कितना खर्च कर सकती है, न कि सिर्फ बैंक से मिलने वाले लोन के बारे में। सोचना चाहिए, अपने होम लोन की किस्त फिक्स रखने से आप बिना किसी मेटल स्ट्रेस के घर खरीदने का अपना सपना पूरा कर पाएंगे। नहीं तो, बहुत से लोगों को लंबे इंतजार के बाद घर खरीदने का पछतावा हो सकता है।

क्या होता है '40 परसेंट' का गोल्डन नियम

इकॉनमिस्ट के मुताबिक, आपके होम लोन की किस्त आपकी महीने की नौलरी के 35 से 40 परसेंट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसे 40 परसेंट रूल' कहते है।

उदाहरण के लिए, अगर आपकी सैलरी 80,000 रुपये है, तो अपनी किस्त 32,000 रुपये के आसपास रखना सेफ है। इससे, आप बचे हुए 48 से 50,000 रुपये का इस्तेमाल घर के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और इन्वेस्टमेंट के लिए कर सकते हैं।

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