महापौर पद के लिए दो-दो नामांकन, चंद्रपुर में बीजेपी में दो फाड़! मुनगंटीवार और जोरगेवार आमने-सामने

Chandrapur Municipal Corporation News: सुधीर मुनगंटीवार और जोरगेवार ने उतारे अलग-अलग उम्मीदवार। 10 फरवरी को होगा फैसला, अनुशासनहीनता पर गरमाई राजनीति।
Internal rift in Chandrapur BJP ahead of Feb 10 Mayor election. Mungantiwar backs Sangeeta Khandekar while Jorgewar supports Sarika Sandurkar.
किशोर जोरगेवार बनाम सुधीर मुनगंटीवार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Chandrapur Politics: चंद्रपुर मनपा चुनाव के दौरान भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार और किशोर जोरगेवार के बीच का अंतर्द्वंद एक बार फिर तूल पकड़ रहा है, दोनों नेताओं के बीच यह अंतर्कलह अब महापौर चुनाव को लेकर खुलकर सामने आ गया है। आगामी 10 फरवरी को यहां होने जा रहे महापौर चुनाव में भाजपा की ओर से दो प्रत्याशी खड़े किए गए है जिसमें संगीता खांडेकर और सारिका संदुरकर का समावेश है।

उल्लेखनीय है कि, महापौर के लिए भाजपा प्रत्याशी के तौर पर खांडेकर यह मुनगंटीवार की ओर से सुझाया गया नाम है, जबकि जोरगेवार ने इस चुनाव के लिए संदुरकर का नाम आगे किया है। दोनों प्रत्याशियों ने गुरुवार को यहां अपना अपना नामांकन दर्ज किया है।

महापौर चुनाव के लिए भाजपा की ओर से दो अलग अलग प्रत्याशियों को खड़ा किए जाने से विधायक मुनगंटीवार और विधायक जोरगेवार पुनः एक बार आमने सामने आ गए है। दोनों विधायकों की ओर से एकदूसरे के खिलाफ आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गए है।

अनुशासनहीनता बर्दाश्त के बाहर : मुनगंटीवार

इस संदर्भ में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सुधीर मुनगंटीवार ने साफ तौर पर जोरगेवार के खिलाफ अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए इसकी गंभीर रूप से दखल लेने की मांग पार्टी आलाकमान से की है। उन्होंने कहा कि, राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हुई बैठक में यह निश्चित किया गया था कि, चंद्रपुर महापौर चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी कौन होगा इसका निर्णय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तय करेंगे।

मुख्यमंत्री के इस दिशानिर्देशों के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने महापौर हेतु संगीता खांडेकर का नाम घोषित किया था। उन्होंने जोरगेवार के खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा कि, इसके बावजूद महापौर के लिए भाजपा की ओर से ही सारिका संदुरकर का भी नामांकन दर्ज किया गया।

मुनगंटीवार ने कहा कि, यह सरासर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के आदेशों की अवमानना है। यह पार्टी के अनुशासन के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि, ऐसी बात भले ही कांग्रेस में चलती हो,लेकिन भाजपा में यह पद्धति नहीं चल सकती।

चुनाव में भी अनियमितता बरती

मुनगंटीवार ने जोरगेवार पर निशाना साधा कि, मनपा चुनाव से पहले प्रत्याशियों के एबी फॉर्म को लेकर भी अनियमितता बरती गई और अब महापौर चुनाव में पार्टी के ही अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ पार्टी से ही निर्वाचित दूसरे प्रत्याशी को खड़ा किया गया है। उन्होंने चेतावनी स्वरूप कहा कि, जिन्होंने यह किया है, उन्हें यह महंगा पड़ेगा, इस बात की गंभीर दखल पार्टी आलाकमान को लेनी ही पड़ेगी।

त्रुटिपूर्ण आवेदन से बचने दूसरा प्रत्याशी : जोरगेवार

इस मुद्दे पर विधायक जोरगेवार ने सफाई देते हुए कहा कि, कभी कभार पार्टी के प्रत्याशी का आवेदन त्रुटिपूर्ण होने से अवैध साबित हो सकता है, इस स्थिति से बचने के लिए पार्टी की ओर से दूसरे प्रत्याशी का भी महापौर चुनाव के लिए नामांकन दर्ज किया गया है।

शिवसेना को भाजपा की ओर से महापौर का प्रस्ताव

जोरगेवार ने कहा कि, चंद्रपुर मनपा में सत्तास्थापना के लिए शिवसेना (यूबीटी) गुट के समर्थन की जरूरत को ध्यान में रखते हुए उन्हें सवा वर्ष के लिए महापौर देने का प्रस्ताव भाजपा की ओर से दिया गया है। शिवसेना ने बातचीत के दौरान पहले टर्म में मेयर पद की मांग की है। इसपर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि, शिवसेना (यूबीटी) को मेयर पद हासिल करने के लिए यह सबसे स्वर्णिम अवसर प्राप्त हुआ है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com