

Health Concerns : सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें यशवंतपुर रेलवे स्टेशन पर एक शख्स ट्रेन धोने के लिए लगे पाइप से बर्तन साफ करता नजर आ रहा है। पहली नजर में किसी को लग सकता है कि पानी तो पानी ही होता है, लेकिन मामला इतना आसान नहीं है।
रेलवे कई बार जल संरक्षण के लिए रिसाइकिल किए गए पानी का इस्तेमाल ट्रेनों की धुलाई में करती है। रिसाइकिल पानी का मतलब है कि पहले इस्तेमाल हो चुके पानी को साफ कर दोबारा उपयोग में लाया जाता है। ऐसे में उसी पाइप के पानी से खाने-पीने के बर्तन धोना यात्रियों की सेहत के लिए खतरा बन सकता है।
वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि बर्तन धोने की जगह भी साफ-सुथरी नहीं है। रेलवे ट्रैक के पास वह स्थान है, जहां लोग अक्सर गुटखा थूकते हैं और कचरा फेंक देते हैं। भले ही रेलवे समय-समय पर सफाई करवाता हो, लेकिन सार्वजनिक जगहों की स्वच्छता पूरी तरह सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
ऐसे माहौल में बर्तन धोना कई तरह के संक्रमण और बीमारियों का कारण बन सकता है। खासकर तब, जब उन्हीं बर्तनों में चाय या कॉफी बनाकर यात्रियों को परोसी जाती हो।
इस वीडियो को कन्नड़ भाषी यूजर @kohlificationn ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। उन्होंने रेलवे को टैग करते हुए लिखा कि ट्रेन साफ करने वाले पाइप के पानी से फ्लास्क धोए जा रहे हैं, जो चिंताजनक है।
पोस्ट के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने इसे लापरवाही बताया, तो कुछ ने रेलवे से जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, यह वीडियो यात्रियों की सेहत और स्टेशन पर स्वच्छता व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।