कलेक्टर का औचक निरीक्षण (सौजन्य-नवभारत)
Chandrapur Collector Vasumana Pant Inspection: जिलाधिकारी वसुमना पंत (Vasumana Pant) ने गुरुवार को अचानक गैस एजेंसी और गोदाम का निरीक्षण दौरा कर सबको सांसत में डाल दिया। जिले में पेट्रोलियम उत्पाद, घरेलू सिलेंडर की मांग, एजेंसी से आपूर्ति, ग्राहकों को रोजाना बांटे जाने वाले सिलेंडर की संख्या आदि की पड़ताल की। यहीं नहीं उन्होंने एजेंसी में स्टॉक रजिस्टर भी परखा।
जिलाधिकारी पंत ने भटाली में गोदाम का भी दौरा किया और वहां के आंकड़ों का ब्यौरा तलब किया। इससे कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया। 9 अप्रैल को दीक्षाभूमि के पास चेतक गैस एजेंसी का दौरा करने के बाद, जिलाधिकारी पंत ने सबसे पहले स्टॉक रजिस्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने एजेंसी के स्टाफ को निर्देश दिया कि वे एजेंसी में मौजूद ग्राहकों का काम न रोकें, बल्कि उनका काम नियमित करें।
रोजाना कितने ग्राहकों की बुकिंग होती है, सिलेंडर कैसे उपलब्ध कराए जाते हैं, रोजाना का भंडार कितना है, घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की कितनी मांग है, उपलब्ध भंडार, वितरण और बचे हुए सिलेंडरों का रजिस्टर में नियमित रूप से रिकॉर्ड किया जाता है या नहीं, दुकान और गोदाम में कितने सिलेंडर रखे हैं, ग्राहकों को घर पर वितरण किया जाता है या नहीं आदि जानकारी लेने के बाद उन्होंने वास्तविक रजिस्टर भी देखा।
उन्होंने प्रबंधक से जानकारी लेने के बाद सिलेंडर स्टॉक रजिस्टर भी जांचा। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने सामने भरे और खाली सिलेंडरों की गिनती करने को कहा। उन्होंने रोजाना रजिस्टर में की गई एंट्री और सिलेंडरों की वास्तविक संख्या की जांच की।
जिले में घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने और ग्राहकों को नियमित रूप से सिलेंडरों का वितरण सुनिश्चित करने के लिए, अधिकारियों को नियमित रूप से गैस एजेंसियों और सिलेंडर गोदामों का दौरा करना चाहिए और उनका निरीक्षण करना चाहिए, ऐसे निर्देश जिलाधिकारी वसुमना पंत (Vasumana Pant) ने दिए। निरीक्षण के दौरान जिला आपूर्ति अधिकारी राहुल बहादुरकर, खाद्यान्न वितरण अधिकारी सुमेध चावरे, खरीदी अधिकारी राहुल वानखेड़े आदि मौजूद थे।
कलेक्टर का औचक निरीक्षण (सौजन्य-नवभारत)
इस मौके पर चेतक गैस एजेंसी के मालिक अनंत लहामगे ने जिलाधिकारी को बताया कि शुरुआती दिनों में लोगों में अफवाह फैलने की वजह से ग्राहकों ने उसी समय बुकिंग कर ली थी। इस वजह से शुरू में आपूर्ति करने में दिक्कत हुई थी। हालांकि, अब धीरे-धीरे हालात सुधर रहे हैं और उनकी एजेंसी से हर दिन 350 से 400 सिलेंडर बांटे जा रहे हैं। पेट्रोलियम कंपनियों की तरफ से भी अब नियमित सिलेंडर सप्लाई किए जा रहे हैं।
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जिले में पेट्रोल, डीजल और सिलेंडर का काफी स्टॉक मौजूद है। चंद्रपुर शहर और जिले के 15 तालुका में पेट्रोल, डीजल और सिलेंडर का काफी भंडार मौजूद है। 8 अप्रैल 2026 को जिले में मौजूद 10 लाख 69 हजार 746 लीटर पेट्रोल में से 1 लाख 90 हजार 392 लीटर पेट्रोल बिक गया, जिससे 8 लाख 79 हजार 354 लीटर पेट्रोल बचा है।
डीजल का कुल भंडार 13 लाख 6 हजार 880 है, जिसमें से 4 लाख 60 हजार 176 लीटर डीजल बिक गया। जिससे 8 लाख 46 हजार 704 लीटर डीजल बचा है। 8 अप्रैल को घरेलू सिलेंडर का कुल भंडार 15208 है, जिसमें से 6458 बिक गए और सिलेंडर का बाकी भंडार 8750 है।