अशोक खरात और अनिल गोटे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Anil Gote on Ashok Kharat: राज्य में अशोक खरात’ दुष्कर्मी’ और ‘ढोंगी बाबा’ प्रकरण को लेकर सियासत उबाल पर है। इसी बीच शिवसेना नेता व पूर्व विधायक अनिल गोटे (Anil Gote) ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजनीतिक माहौल और गरमा दिया है। गोटे ने दावा किया कि राज्य के 39 विधायकों को एक कथित क्लिप के जरिए ब्लैकमेल किया जा रहा है, और सत्ता बनाए रखने के लिए अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
मामला उजागर होने के 20 दिन के बाद भी एक भी राजकीय व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया न ही गिरफ्तार किया गया। कहीं न कहीं सरकार बड़ी मछलियों को बचा रही है। इस तरह का सनसनीखेज आरोप गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोटे ने कहा है। गोटे ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर भी तीखा हमला बोला।
गोटे ने कहा, “मुख्यमंत्री रोज नई घोषणाएं करते हैं, लेकिन उनका जमीन पर कोई असर नहीं दिखता। सिर्फ घोषणाओं से जनता को गुमराह किया जा रहा है।” उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब समस्याएं जस की तस हैं, तो घोषणाओं का आखिर मतलब क्या है?
अशोक खरात मामले का जिक्र करते हुए गोटे ने कहा कि ऐसी विकृत प्रवृत्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने मांग की कि आरोपी पर तुरंत मोक्का के तहत केस दर्ज किया जाए, सरकार इन लोगों पर कार्रवाई कब करेगी? या सता का संरक्षण मिलने से ये बच रहे हैं? मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री से भी 17 मर्तबा मोबाइल पर बात करने के रिकॉर्ड है। इसी तरह केंद्र के कदवार नेता भी अशोक खरात के संपर्क में थे।
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