शशिकांत शिंदे (सौजन्य-एक्स)
NCP Shashikant Shinde: NCP (SP) के प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने स्पष्ट किया है कि दोनों एनसीपी गुटों के विलय का मुद्दा अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। अब पार्टी संगठन को सशक्त बनाने और विस्तार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पार्टी के सभी पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे विलय की चर्चाओं पर ध्यान न दें और संगठन के विस्तार तथा पार्टी को मजबूत करने के कार्यों पर फोकस करें।
NCP (SP) की पिछले तीन दिनों से मुंबई के बैलार्ड पियर स्थित पार्टी कार्यालय में बैठकें चल रही हैं। गुरुवार को मुंबई विभाग की समीक्षा राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष सुप्रिया सुले और शशिकांत शिंदे की मौजूदगी में की गई। बैठक में सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे विलय की संभावनाओं की बजाय संगठन की मजबूती पर ध्यान दें।
पार्टी प्रमुख शरद पवार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि अजीत पवार के निधन के साथ ही दोनों गुटों के विलय की बातचीत अब पूरी तरह समाप्त हो गई है। बैठक में अगले साल के कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई और जनहित से जुड़े मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाने का फैसला लिया गया।
इसके अलावा पदाधिकारियों को बताया गया कि मई में जिलाध्यक्षों और फिर राज्य के सभी तहसील अध्यक्षों के लिए विशेष कैंप का आयोजन किया जाएगा, ताकि संगठन को धरातल पर और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
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शशिकांत शिंदे ने कहा कि पार्टी संगठन को सशक्त बनाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। पिछले सप्ताह जिला स्तर की बैठकें संपन्न हुई थीं और सुप्रिया सुले की मौजूदगी में अलग-अलग सेल की बैठकें आयोजित की गई। काबिल और योग्य कार्यकर्ताओं को विभिन्न पदों पर नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिए कि संगठन में जल्द ही कई बदलाव भी किए जाएंगे।
शशिकांत शिंदे ने कहा कि हमारा मुख्य लक्ष्य पाटी को मजबूती देना और जनता क मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना है। विलय का मुद्दा अब समाप्त हो चुका है और अब पार्टी के विस्तार और संगठन सुधार पर पूरी ताकत लगाई जाएगी। इस प्रकार एनसीपी अब विलय के विवादों से बाहर निकलकर सीधे संगठन सुदृढीकरण और जनता से जुड़ाव पर ध्यान केंद्रित कर रही है।