मतदाता तलाश रहे तीसरा विकल्प, बड़े दलों में अंदरूनी कलह, चुनाव प्रचार होने लगा रंगीन
Chandrapur Politics: चंद्रपुर महानगरपालिका चुनाव में भाजपा और कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी के चलते मतदाता तीसरे विकल्प की ओर झुकते नजर आ रहे हैं, जिससे चुनाव प्रचार और भी दिलचस्प हो गया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Chandrapur Politics:चंद्रपुर महानगरपालिका चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया
Chandrapur Municipal Election: चंद्रपुर महानगरपालिका चुनाव के लिए प्रचार अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस बीच भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच चल रही आपसी खींचतान मतदाताओं के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है। अब यह टकराव नेताओं की जनसभाओं और प्रचार कार्यक्रमों में भी खुलकर दिखाई देने लगा है। दोनों ही दलों के नेता केवल अपने-अपने समर्थित प्रत्याशियों के लिए प्रचार करते नजर आ रहे हैं।
भाजपा और कांग्रेस की अंदरूनी कलह के चलते मतदाता अब तीसरे विकल्प की तलाश में दिखाई दे रहे हैं। शहर में इस तरह की चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। भाजपा के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक सुधीर मुनगंटीवार, पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर और विधायक किशोर जोरगेवार के बीच गुटबाजी चरम पर पहुंच गई है। जो नेता कभी पूरे शहर में पार्टी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर प्रचार करते थे, वे अब केवल अपने-अपने समर्थक प्रत्याशियों के लिए ही जनसभाएं कर रहे हैं।
गुटबाजी में किसकी होगी भैंस
नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही दलों की अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। चुनाव में अब केवल पांच दिन शेष हैं। ऐसे में मतदाताओं का रुझान वंचित बहुजन आघाड़ी, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट), अन्य घटक दलों, निर्दलीय और बागी उम्मीदवारों की ओर बढ़ता दिख रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि चुनाव के अंतिम दिनों में भाजपा और कांग्रेस मतदाताओं को अपने पक्ष में मोड़ने में कितनी सफल होती हैं।
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एक मंच पर आने से कतरा रहे नेता
बताया जाता है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के रोड शो को छोड़ दिया जाए, तो ये तीनों भाजपा नेता लंबे समय से एक मंच पर साथ नजर नहीं आए हैं। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भले ही तीन जनसभाएं की हों, लेकिन इनमें भी तीनों स्थानीय नेता एक साथ मंच साझा करते नहीं दिखे।
वरिष्ठ नेता हंसराज अहीर अपने समर्थक प्रत्याशियों के लिए हर वार्ड में अलग-अलग सभाएं कर रहे हैं। वहीं, सुधीर मुनगंटीवार ने भानापेठ, रैयतवारी और महाकाली के तीन वार्डों में जनसभाएं कीं। विधायक किशोर जोरगेवार ने बाबूपेठ, महाकाली कॉलरी और पठानपुरा क्षेत्रों में प्रचार सभाएं आयोजित कीं। प्रत्याशियों के कार्यालयों के उद्घाटन और रैलियों के माध्यम से प्रचार तो जारी है, लेकिन तीनों नेताओं का एक साथ प्रचार करते नजर आना अब तक देखने को नहीं मिला है।
अकेले संभाली प्रतिभा धानोरकर ने चुनाव की कमान
कांग्रेस पार्टी में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। सांसद प्रतिभा धानोरकर ने नगर निगम चुनाव की कमान लगभग अकेले संभाली है। टिकट वितरण की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास रही, जिसके चलते अब वे अपने समर्थक प्रत्याशियों के लिए अलग-अलग जनसभाएं कर रही हैं। पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार अपने समर्थकों वाले वार्डों से बाहर जाकर प्रचार नहीं कर रहे हैं।
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विजय वडेट्टीवार भी सक्रिय
अब तक वडेट्टीवार वडगांव, एकोरी और विट्ठल मंदिर वार्ड में मतदाताओं से मुलाकात कर चुके हैं। कांग्रेस का प्रचार कार्यालय गिरनार चौक पर शुरू किया गया है। बीते दो दिनों से विजय वडेट्टीवार भी सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे हैं और विवेक नगर, शास्त्री नगर, एमईएल, विट्ठल मंदिर, इंडस्ट्रियल एस्टेट, जटपुरा और बंगाली कैंप वार्डों में जनसभाएं कर चुके हैं। गौरतलब है कि सांसद प्रतिभा धानोरकर और विजय वडेट्टीवार दोनों ही प्रचार में सक्रिय हैं, लेकिन अब तक एक मंच पर साथ नहीं आए हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच मतभेद की चर्चा खुलकर मतदाताओं तक पहुंचने लगी है।
