
चंद्रपुर शहर का थर्मल पावर स्टेशन (फोटो नवभारत)
Chandrapur AQI Report: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल (CPCB) तथा महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) द्वारा 24 घंटे लगातार की गई वायु गुणवत्ता निगरानी के अनुसार वर्ष 2025 में चंद्रपुर शहर की वायु गुणवत्ता अत्यंत चिंताजनक रही है। पूरे 365 दिनों में केवल 78 दिन ही ‘अच्छी’ (Good AQI) श्रेणी में दर्ज किए गए, जबकि 201 दिन हवा प्रदूषित पाई गई। यह चौंकाने वाली जानकारी पर्यावरण अभ्यासक एवं ग्रीन प्लानेट सोसायटी के अध्यक्ष प्रो. सुरेश चोपणे ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आंकड़ों के आधार पर दी।
जांच के दौरान अच्छी हवा वाले 78 दिन, समाधानकारक हवा वाले 86 दिन,सामान्य हवा वाले 187 दिन, प्रदूषित हवा वाले 33 दिन दर्ज हुए है।हालांकि सबसे अधिक प्रदूषित श्रेणी दर्ज नहीं हुई, लेकिन वर्ष के अधिकांश दिन हृदय, फेफड़ों और दमा के रोगियों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए जोखिम भरे रहे।
पिछले वर्षों की तुलना में 2025 के मानसून (122 दिन) में प्रदूषण कुछ हद तक कम रहा, अच्छे दिन : 59, संतोषजनक : 51, प्रदूषित : 12, अत्यधिक प्रदूषित : 0 दिन रहे। अत्यधिक वर्षा के कारण मानसून में वायु गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर रही।
आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाने वाला सर्दी का मौसम अब प्रदूषण के कारण सबसे खतरनाक मौसम बनता जा रहा है। कुल 123 दिनों में 95 दिन प्रदूषित,केवल 14 दिन अच्छे रहे। कम तापमान और स्थिर हवा प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण बताए गए हैं।
फरवरी से मई तक के 120 दिनों में अच्छे दिन : 5,संतोषजनक : 21,प्रदूषित : 83,अत्यधिक प्रदूषित : 11 दिन यानी गर्मी के मौसम में भी 94 दिन प्रदूषण दर्ज हुआ।
PM10 (धूल कण) : 262 दिन, PM2.5 (सूक्ष्म धूल कण) : 42 दिन, सल्फर डाइऑक्साइड : 27 दिन, नाइट्रोजन ऑक्साइड : 14 दिन, कार्बन मोनोऑक्साइड : 12 दिन, जमीनी ओज़ोन : 8 दिन रहे।
चंद्रपुर शहर में थर्मल पावर स्टेशन, औद्योगिक क्षेत्र (घुग्घुस, राजुरा),वाहनों की संख्या और यातायात,कचरा व लकड़ी/कोयला जलाना, प्रमुख प्रदूषण स्रोत बने हुए हैं। खुटाला औद्योगिक क्षेत्र में शहर की तुलना में अधिक प्रदूषण दर्ज किया गया।
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वायु प्रदूषण के कारण दमा, टीबी, फेफड़ों के रोग,हृदय रोग,कैंसर,आंख, त्वचा, खांसी और सर्दी के रोगतेजी से बढ़ रहे हैं। 2005–06 के बाद अब तक कोई व्यापक स्वास्थ्य सर्वे नहीं हुआ, जबकि सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
ग्रीन प्लानेट सोसायटी चंद्रपुर के अध्यक्ष सुरेश चोपणे ने बताया कि प्रदूषण और स्वास्थ्य का मुद्दा केवल कागजी योजनाओं से हल नहीं होगा। नगर निगम, जिला परिषद सदस्य, विधायक और सांसदों को इसे शासन स्तर पर गंभीरता से उठाना होगा। नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना सरकार का संवैधानिक कर्तव्य है। तत्काल प्रभावी उपाय लागू करने आवश्यकता है, तभी चंद्रपुर शहर और जिले का सतत एवं सुरक्षित विकास संभव हो सकेगा।






