80 के दशक से उठ रही ब्रह्मपुरी को जिला बनाने की मांग, चंद्रपुर से 125 किमी की दूरी के कारण बढ़ा असंतोष
Chandrapur Bifurcation: ब्रह्मपुरी को स्वतंत्र जिला बनाने की मांग को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। विधायक वडेट्टीवार ने विधानसभा में मुद्दा उठाकर सरकार से इस पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
- Written By: केतकी मोडक
चंद्रपुर ज़िले का नक्शा फाईल फोटो (सोर्स- सोशल मीडिया)
Brahmapuri New District Demand: 80 के दशक से चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी शहर को जिला बनाने की मांग उठ रही है। चंद्रपुर जिला मुख्यालय से इसकी लंबी दूरी व हाल के समय में हुए विस्तार को देखते हुए इसे व्यवहार्य बताया जा रहा है। इस बीच बीते कुछ दिनों से लोगों की जिला निर्माण संघर्ष समिति भी सक्रिय हुई है। इस पृष्ठभूमि पर यहां के विधायक विजय वडेट्टीवार ने सरकार से ठोस निर्णय लेने की मांग विस (विधानसभा) में उठाई है।
विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने विपक्ष के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान ब्रह्मपुरी को अलग जिला बनाने की मांग दोहराई और कहा कि यदि सरकार के समक्ष जिला गठन का प्रस्ताव आता है, तो ब्रह्मपुरी के पक्ष में सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। वडेट्टीवार ने इसके पूर्व भी यह मांग उठाई थी।
क्या राजनीति की भेंट चढ़ी है मांग
ब्रह्मपुरी को अलग जिला बनाने की मांग 1982 से उठती रही है। 2012 से 2025 के दौरान कई आंदोलन हुए। इसका मुख्य आधार यह रहा है कि चंद्रपुर जिले का उत्तरी भाग प्रशासनिक दृष्टि से बड़ा है और ब्रह्मपुरी, सिंदेवाही, नागभीड़, सावली जैसे क्षेत्रों के लोगों को जिला मुख्यालय चंद्रपुर तक पहुंचने में 125 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। 1982 में घोषणा का दौर चला और अचानक गड़चिरोली जिले का निर्माण हो गया था।
सम्बंधित ख़बरें
भंडारा: मुदिता बौद्ध महिला परिषद 2026 में समानता, शिक्षा और महिला अधिकारों पर मंथन
धान बोनस नहीं मिलने पर भड़के चंद्रपुर के किसान, 4 महीने बाद भी खाते खाली, किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
भंडारा: सेंदुरवाफा जिला परिषद स्कूल तोड़े जाने पर बढ़ा विवाद, जांच की मांग तेज
महाराष्ट्र विधानसभा में डांस बार कानून संशोधन पास, अश्लील डांस पर सख्ती; तीन उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द
2013 में पारित हुआ था प्रस्ताव
2013 में पंचायत समिति ने जिला बनाने का प्रस्ताव पारित किया था। ब्रह्मपुरी में कई बार सर्वदलीय आंदोलन, रैलियां, धरने और ज्ञापन अभियान आयोजित किए गए; व्यापारी संगठनों, वकील संघ, सामाजिक संगठनों और नागरिक मंचों ने अलग जिले की मांग को लेकर प्रदर्शन किए। महाराष्ट्र सरकार के जिला पुनर्गठन संबंधी चर्चाओं के दौरान भी यह मुद्दा बार-बार उठाया गया। महाराष्ट्र सरकार ने अलग जिला बनाने की मांग को कई बार संज्ञान में लेने की बात कही, लेकिन अब तक ब्रह्मपुरी को जिला घोषित करने का निर्णय नहीं लिया गया है।
यह भी पढ़ें:- धान बोनस नहीं मिलने पर भड़के चंद्रपुर के किसान, 4 महीने बाद भी खाते खाली, किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेता राऊत ने उठाया था मामला
विदर्भ के कांग्रेस नेता नितिन राऊत ने ब्रह्मपुरी के साथ अन्य कुछ जिलों के निर्माण का मुद्दा उठाया था। इसके लिए उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भी लिखा था। विदर्भ के विकास हेतु पुसद, अचलपुर, चिमूर,
