भंडारा: सेंदुरवाफा जिला परिषद स्कूल तोड़े जाने पर बढ़ा विवाद, जांच की मांग तेज
Bhandara Zilla Parishad School: भंडारा जिले के साकोली स्थित सेंदुरवाफा जिला परिषद स्कूल को तोड़े जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
- Written By: आंचल लोखंडे
School Demolition (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Sendurwafa Zilla Parishad School: भंडारा जिले में जहां एक ओर 8 जुलाई को भंडारा में ‘जिला परिषद स्कूल बचाओ’ के लिए बड़े मोर्चे का आयोजन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सेंदुरवाफा स्थित जिला परिषद स्कूल को तोड़े जाने का मामला गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। शिक्षा व्यवस्था को बचाने की मांग के बीच ही स्कूल भवन को ध्वस्त किए जाने से स्थानीय स्तर पर आक्रोश का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेंदुरवाफा के जिला परिषद स्कूल को 1 मई को नगर परिषद साकोली द्वारा जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से तोड़ दिया गया। इस कार्रवाई के बाद 14 मई को स्कूल के मुख्याध्यापक ने पंचायत समिति में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन इतने दिनों बाद भी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई या जांच सामने नहीं आई है।
भंडारा में जिप स्कूल तोड़े जाने पर आक्रोश
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अध्यक्ष केंद्रीय उच्च प्राथमिक स्कूल तथा पूर्व नगर सेवक हेमंत भारद्वाज ने कहा कि जब जिले में स्कूलों को बचाने के लिए आंदोलन किए जा रहे हैं, उसी समय एक स्कूल को बिना पारदर्शिता के तोड़ा जाना अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
अन्यथा करेंगे आंदोलन : भारद्वाज
अध्यक्ष केंद्रीय उच्च प्राथमिक स्कूल जिप क्र 1 तथा पूर्व नगर सेवक हेमंत भारद्वाज ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे अनशन जैसे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि एक तरफ स्कूल बचाने के लिए हो रहे आंदोलन के बीच प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई करता है।
