धान बोनस नहीं मिलने पर भड़के चंद्रपुर के किसान, 4 महीने बाद भी खाते खाली, किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी

Chandrapur Farmers Protest: घोषित होने के बावजूद धान बोनस की राशि नहीं मिलने से नाराज किसानों ने ब्रह्मपुरी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। भाकपा के नेतृत्व में तत्काल 20,000 रुपये बोनस देने की मांग की गई।
Vidarbha Rice Sowing Bonus Delay
किसान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपते हुए (सोर्स- फोटो नवभारत)
Published on
Updated on

Vidarbha Rice Sowing Bonus Delay: पूर्व विदर्भ के धान उत्पादक किसानों को घोषित बोनस राशि अब तक नहीं मिलने से नाराज किसानों ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेतृत्व में चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन किया। किसानों ने उपविभागीय अधिकारी (एसडीओ) के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रति हेक्टेयर 20,000 रुपये का धान बोनस तत्काल जारी करने की मांग की।

प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी नेता कॉमरेड विनोद झोडगे पाटील ने किया। उन्होंने कहा कि पिछले शीतकालीन विधानसभा सत्र में राज्य सरकार ने धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 20,000 रुपये बोनस देने की घोषणा की थी, लेकिन 4 महीने से अधिक समय बीत जाने और मानसून सत्र समाप्ति की ओर होने के बावजूद किसानों के खातों में बोनस की राशि नहीं पहुंची है।

आर्थिक संकट से जूझ रहे धान उत्पादक किसान

ज्ञापन में कहा गया कि पूर्व विदर्भ के चंद्रपुर, भंडारा, गोंदिया और गड़चिरोली जिलों के हजारों किसानों की आजीविका धान की खेती पर निर्भर है। खरीफ सीजन की शुरुआत में खाद, बीज, डीजल, ट्रैक्टर किराया और मजदूरी की बढ़ती लागत के कारण किसान पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में बोनस की राशि नहीं मिलने से खेती के लिए धन की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है।

किसानों ने यह भी कहा कि बोनस में देरी के कारण कई किसानों को बैंक और निजी साहूकारों से कर्ज लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं अतिवृष्टि, अनियमित बारिश, वन्यजीवों से फसल नुकसान और कृषि उपज के उचित दाम नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है।

व्यापक आंदोलन करने की दी चेतावनी

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी नेता विनोद झोडगे पाटील ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बिना किसी शर्त के धान बोनस की राशि जल्द किसानों के बैंक खातों में जमा नहीं कराई, तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान गणेश झरकर, शिवराम दोनाडकर, पूर्व जिला परिषद सदस्य शंकरदादा सातपुते, मनीराम मंडपे, चेतन खोब्रागडे, चंदू मेश्राम, मदन खरवड़े, निलेश बनकर, दुधराम आखरे, राखी लाडे, भास्कर पानसे, टीकाराम राऊत, देवानंद खोब्रागड़े, आशीष पिलेवाण, प्रणय धोटे, ज्ञानेश्वर देशमुख, रामकृष्ण मेश्राम सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com