मुंबई में खुले मैनहोल हादसों पर BMC का बड़ा कदम, ‘मैनहोल रेलगार्ड’ का होगा पायलट ट्रायल
Mumbai BMC Ritu Tawde Mayor: साकीनाका में मैनहोल में गिरने से हुई मौत के बाद बीएमसी सुरक्षा के लिए 'मैनहोल रेलगार्ड' का परीक्षण करेगी। अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने प्रोटोटाइप का निरीक्षण किया।
- Written By: रूपम सिंह
महापौर रितु तावड़े ने प्रोटोटाइप का निरीक्षण किया (फोटो क्रेडिट-X)
Mumbai BMC Ritu Tawde Manhole Railguard Trial: हाल ही में अंधेरी के साकीनाका में मैनहोल में गिरने से 55 वर्षीय व्यक्ति असलम शेख की मौत हो गई थी, जिसके बाद बीएमसी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। बैरिकेडिंग नहीं होने की वजह से यह हादसा हुआ था। इससे सबक लेते हुए अब मैनहोल से जुड़ी दुर्घटनाओं की रोकथाम और मरम्मत कार्य के दौरान कर्मचारियों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से बीएमसी ने ‘मैनहोल रेलगार्ड’ नामक एक नए सुरक्षा उपकरण के पायलट परीक्षण का निर्णय लिया है।
इस चौकोर सुरक्षा संरचना के प्रोटोटाइप का सोमवार को बीएमसी मुख्यालय में निरीक्षण किया गया। इस दौरान अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने इसकी कार्यप्रणाली और उपयोगिता की समीक्षा करते हुए इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण तकनीकी सुझाव दिए।
बीएमसी के अनुसार, एक संस्था द्वारा विकसित इस ‘मैनहोल रेलगार्ड’ का उद्देश्य मैनहोल की सफाई, रखरखाव और मरम्मत के दौरान खुले मैनहोल के आसपास सुरक्षा घेरा तैयार करना है, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके।
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अभिजीत बांगर ने दिए कोलैप्सिबल की सलाह
हाल के दिनों में मुंबई में खुले मैनहोल और जलनिकासी व्यवस्था से जुड़े हादसों के बाद सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान अभिजीत बांगर ने सुझाव दिया कि रेलगार्ड को कोलैप्सिबल (आवश्यकतानुसार छोटा-बड़ा किया जा सकने वाला) बनाया जाए, जिससे अलग-अलग आकार के मैनहोल पर इसका उपयोग आसानी से किया जा सके।
दि. १३ जुलै २०२६ आज महानगरपालिका मुख्यालयात ‘मॅनहोल रेलगार्ड’या अभिनव प्रतिकृतीची प्रत्यक्ष पाहणी अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रकल्प) श्री. अभिजित बांगर तसेच विविध नगरसेवक-नगरसेविकांच्या उपस्थितीत केली. मुंबईतील मॅनहोल्सवर काम करताना नागरिकांची तसेच महानगरपालिका… pic.twitter.com/H5mIEhpREs — Ritu Tawde (@TawdeRitu) July 13, 2026
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प्रोटोटाइप का निरीक्षण कर दिए सुरक्षा संबंधी सुझाव
बांगर ने रात के समय इसकी दृश्यता बढ़ाने के लिए रिफ्लेक्टर अथवा पलैशिंग लाइट लगाने की भी सलाह दी, ताकि बारिश या कम रोशनी के दौरान भी यह स्पष्ट दिखाई दे।
मुंबई महापौर रितु तावड़े ने भी प्रोटोटाइप का निरीक्षण किया और सुरक्षा संबंधी सुझाव दिए। निरीक्षण के दौरान कई नगरसेवक भी उपस्थित रहे। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, इस रेलगार्ड की ऊंचाई एक मीटर तथा लंबाई और चौड़ाई 1.5-1.5 मीटर रखी गई है।
इसे 225 किलोग्राम और 80 किलोग्राम वजन के दो अलग-अलग मॉडल में तैयार किया गया है, ताकि विभिन्न परिस्थितियों और स्थानों के अनुसार इसका उपयोग किया जा सके। इस सुरक्षा उपकरण का पायलट परीक्षण सबसे पहले एल वार्ड में किया जाएगा। परीक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव, तकनीकी आवश्यकताओं तथा कर्मचारियों और नागरिकों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर इसमें आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। इसके बाद बीएमसी यह निर्णय लेगी कि ‘मैनहोल रेलगार्ड को मुंबई शहर के अन्य प्रशासनिक वाडों में भी लागू किया जाए या नहीं।
