

Mumbai Aamir Khan Marriage Row: फिल्म अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर राजनीतिक बखेड़ा खड़ा हो गया है। उन्होंने गौरी स्ट्रैट से शादी की है। इस पर बीजेपी नेता व कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने हमला बोला है। उन्होंने इसे लव जिहाद करार दिया है। इस पर एआईएमआईएम के प्रवक्ता वारिस पठान ने पलटवार किया है कि यदि आमिर तीसरी शादी कर रहे हैं तो दम है तो तुम चार कर लो। आमिर खान ने 5 जुलाई को मुंबई में अपने पाली हिल स्थित बंगले पर एक निजी रजिस्टर्ड सेरेमनी में हिंदू लड़की गौरी स्प्रंट से शादी की।
उन्होंने वेलनेस और ब्यूटी प्रोफेशनल गौरी स्ट्रैट के साथ नई जिंदगी की शुरुआत की है। दोनों शादी से पहले करीब एक साल तक रिलेशनशिप में थे। इससे पहले आमिर की शादी रीना दत्ता और फिल्ममेकर किरण राव से हुई थी। दोनों से उनका तलाक हो गया था। हिंदू लड़की से तीसरी शादी किए जाने पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। मंत्री नितेश राणे ने आमिर और गौरी की शादी को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने पूछा है कि क्या इस तरह के मामलों को 'लव जिहाद' के उदाहरण के तौर पर देखा जाना चाहिए। आमिर लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर बन गए हैं। जब बड़ी हस्तियां अपनी निजी जिंदगी में इस तरह के फैसले लेती हैं, तो समाज को इस पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने हिंदू समुदाय के लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सेलिब्रिटी को समर्थन देने से पहले सोच-समझकर फैसला लें। उन्होंने सवाल उठाया है कि 'लव जिहाद' का चेहरा कौन है? क्या आमिर इस तरह की चर्चा का हिस्सा नहीं बन रहे हैं? जो युवा उनकी फिल्मों को देखते हैं और उन्हें बड़ा स्टार बनाते हैं, उन्हें भी ऐसे मामलों पर अपनी राय बनाते समय विचार करने की जरूरत है।
एआईएमआईएम के प्रवक्ता वारिस पठान ने इस पर राणे पर पलटवार किया है। उन्होंने यदि आमिर तीन शादी कर रहे हैं तो तुम 4 कर लो। कौन रोक रहा है? तुम्हें क्या दिक्कत है? अगर आपके अंदर भी क्षमता है तो आप भी करो। शादी में उनकी पहली और दूसरी पत्नी पहुंचीं, बेटा, बेटी, दामाद भी पहुंचे। उद्योगपति भी पहुंचे। किसी को कोई दिक्कत नहीं है तो आपको क्या दिक्कत है? इसे वह बस जिहाद-जिहाद कह रहे हैं। उन्हें जिहाद का मतलब भी नहीं पता होगा, कोई किसी का बहिष्कार नहीं करता है। उनकी बात की वैल्यू ही क्या है?
बीएमसी में नेता प्रतिपक्ष किशोरी पेडणेकर ने कहा कि आमिर की फिल्में देखना या नहीं देखना, इसका फैसला लोगों को ही करना चाहिए। कोई हिंदू लड़की यह जानती है कि जिससे वह शादी कर रही है। उसकी दो शादियां पहले से हो चुकी हैं, तो यह उन दोनों का निजी मामला है। इस पर हम क्या बोल सकते हैं? मुझे लगता है कि हिंदू लड़कियों को ऐसा नहीं करना चाहिए।